- गलत सेक्शन में लिखा उत्तर तो नहीं मिलेंगे अंक
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं बोर्ड परीक्षा के लिए विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में उत्तर लेखन के नए सख्त नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत छात्रों को उत्तर-पुस्तिका में अलग-अलग सेक्शन में ही उत्तर लिखना अनिवार्य होगा। गलत सेक्शन में उत्तर लिखने पर मूल्यांकन नहीं होगा, भले ही उत्तर सही क्यों न हो।
इस संबंध में दीवान पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य वीके मिश्रा ने बताया कि एक सम्मेलन में सीबीएसई के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विज्ञान के प्रश्नपत्र में तीन सेक्शन होंगे। सेक्शन ए (जीव विज्ञान), सेक्शन बी (रसायन विज्ञान) और सेक्शन सी (भौतिकी)। इसी तरह सामाजिक विज्ञान में चार सेक्शन होंगे। सेक्शन ए (इतिहास), सेक्शन बी (भूगोल), सेक्शन सी (नागरिक शास्त्र) और सेक्शन डी (अर्थशास्त्र)।
उत्तर-पुस्तिका में सेक्शन को स्पष्ट हेडिंग के साथ लिखकर प्रश्नों के उत्तर उसी में लिखने होंगे। किसी सेक्शन का उत्तर दूसरे में लिखने पर वह मूल्यांकन से बाहर हो जाएगा। वीके मिश्रा ने सम्मेलन में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज से यह मुद्दा उठाया कि छात्रों को कैसे पता चलेगा कि प्रत्येक सेक्शन के लिए कितने पृष्ठ छोड़ने हैं, क्योंकि कई बच्चे अनजाने में पृष्ठों की गलती कर अंक गंवा बैठते हैं, इस वक्ता डॉ. भारद्वाज ने आश्वासन दिया कि बोर्ड बहुत जल्द छात्रों और अभिभावकों के लिए एक विस्तृत परिपत्र जारी करेगा।
परिपत्र में प्रत्येक सेक्शन के लिए अनुमानित पृष्ठों की संख्या, उत्तर-पुस्तिका व्यवस्थित करने का तरीका, आम गलतियों से बचाव और परीक्षा में बिना भ्रम के उत्तर लिखने के निर्देश दिए जाएंगे। यह परिपत्र छात्रों को अनुशासित व व्यवस्थित उत्तर लेखन सिखाने के साथ-साथ अज्ञानता से अंक हानि रोकने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। वीके मिश्रा ने कहा कि बोर्ड ने स्कूलों को भी निर्देश दिए हैं कि प्री-बोर्ड और कक्षा परीक्षाओं में इस पैटर्न का अभ्यास कराएं। सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सैंपल पेपर में भी नया फॉर्मेट दिखाया गया है।