स्कूलों में एनएसएस की सेल्फ फाइनेंस यूनिट स्थापित होंगी, निजी संसाधनों से कर सकेंगे संचालन
स्वच्छता, पर्यावरण, स्वास्थ्य कार्यक्रमों में निभाएंगे भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने संबद्ध विद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट (एसएफयू) स्थापित करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यालय सरकारी अनुदान की प्रतीक्षा किए बिना अपने संसाधनों से एनएसएस इकाइयों का संचालन कर सकेंगे। प्रत्येक इकाई में 50 से 100 स्वयंसेवकों को शामिल किया जाएगा, जो विभिन्न सामाजिक और जनजागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
सीबीएसई की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह पहल माई भारत एनएसएस अभियान के विस्तार का हिस्सा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर से ही समाज सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है। एनएसएस का मूल मंत्र सेवा के माध्यम से शिक्षा है, जिसके तहत विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित की जाती है।
बोर्ड निदेशक (अकादमिक) डॉ. प्रज्ञा एम सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार एनएसएस से जुड़े विद्यार्थी स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, साक्षरता अभियान, आपदा प्रबंधन, रक्तदान जागरूकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता जैसे कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इससे विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
सीबीएसई ने सभी संबद्ध विद्यालयों को योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश, प्रस्ताव का प्रारूप और विस्तृत ब्रोशर उपलब्ध कराया है। सहोदय सचिव राहुल केसरवानी कहा कि सीबीएसई के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, सहानुभूति और टीम वर्क का विकास होगा।