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सीबीएसई 10वीं में खूब बरसे नंबर, छात्रों के खिले चेहरे

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सीबीएसई 10वीं में खूब बरसे नंबर, छात्रों के खिले चेहरे
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मेरठ। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) दसवीं कक्षा में जमकर नंबर बरसे। इससे होनहारों के चेहरे खिल गए। टॉपर्स में मात्र एक-एक नंबर का अंतर रहा। पहले तीन स्थानों पर एक-एक छात्र, छात्राएं रहे, वहीं दूसरे स्थान पर दो और जिले में तीसरे स्थान पर तीन छात्राओं ने कब्जा जमाया। केएल इंटरनेशनल स्कूल के दिव्य बंसल ने 497 (99.40 प्रतिशत) अंक लेकर जिला टॉप किया है।
जिले में दूसरे स्थान पर द मिलेनियम स्कूल सुशांत सिटी की छात्रा वंशुली अग्रवाल हैं। उन्होंने 494 (98.8 प्रतिशत) अंक प्राप्त किए हैं। तीसरे टॉपर दीवान पब्लिक स्कूल कैंट के छात्र वंश कंसल हैं। वंश ने 493 (98.6 प्रतिशत) अंक हासिल किए। जिले में चौथे स्थान पर केएल इंटरनेशनल स्कूल के स्पर्श रस्तोगी व सीजेडीएवी सेनेटरी पब्लिक स्कूल शास्त्रीनगर की मान्या माहेश्वरी हैं। दोनों ने 492 (98.40 प्रतिशत) अंक प्राप्त किए हैं। जिले में पांचवें स्थान पर तीन छात्राएं हैं। केएल इंटरनेशनल स्कूल की यशस्वी गुप्ता, दीवान पब्लिक स्कूल कैंट की यशवी गुप्ता व दयावती मोदी एकेडमी मोदीपुरम की कीर्ति चौधरी हैं। तीनों छात्राओं ने 491 (98.20 प्रतिशत) अंक प्राप्त किए हैं। अधिकांश टॉपर की पसंद अब मैथ्स और कॉमर्स स्ट्रीम लेकर आगे की पढ़ाई करना है। टॉपर इंजीनियर और सीए बनना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने दसवीं में स्टैंडर्ड मैथ लिया था। सीबीएसई 10वीं की बोर्ड परीक्षा में इस बार एक-एक अंक से ही विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को पछाड़ते हुए जिले में अपना स्थान बनाया है। दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का नोएडा रीजन से यह पहला रिजल्ट था। सीबीएसई मेरठ के सिटी कोऑर्डिनेटर सुधांशु शेखर ने बताया कि जिले में इस वर्ष 142 स्कूलों के 14,395 छात्रों ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी। पिछले वर्षो की अपेक्षा इस वर्ष छात्रों का पासिंग प्रतिशत बढ़ा है। 10वीं में सभी विषयों की परीक्षाएं हो चुकी थीं।
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कोरोना ने खत्म किया उत्साह
कोरोना के कारण रिजल्ट का उत्साह कम रहा। इक्का-दुक्का स्कूलों को छोड़कर कहीं भी स्टूडेंट्स को नहीं बुलाया गया। आमतौर पर बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को लेकर स्टूडेंट्स ही नहीं स्कूलों में भी खासा उत्साह देखने को मिलता था। अधिकांश सभी स्कूल अपने अंदाज में अच्छे परिणाम की खुशी मनाते थे। स्कूल के होनहार स्टूडेंट का सम्मान करते थे। लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के डर से सभी ने दूरी बनाई। बोर्ड परीक्षा परिणामों की घोषणा के दौरान अक्सर गुलजार दिखाई देने वाला वेस्ट एंड रोड पर सन्नाटा दिखा। स्कूलों ने अपने स्टूडेंट को फोन पर ही परिणाम उपलब्ध कराने की कोशिश भी की।
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