परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं या नंबर कम आएं हैं तो इससे छात्रों को तनाव लेने की जरूरत नहीं है। बोर्ड में रीचैक का एक रास्ता है जिससे छात्र पुन: अपने नंबरों की जांच करा सकता है। नंबर कम आने पर अभिभावक भी बच्चे पर प्रेशर न बनाएं। बच्चों को गलत बोलकर उनका मनोबल न गिराएं। बल्कि बच्चों के साथ रहें। रिजल्ट आने के बाद बच्चों को अकेला न छोड़ें, न ही उनका कम आंकलन करें। दूसरे बच्चों से अपने बच्चे की तुलना करके उसे मजाक का पात्र न बनने दें। बच्चों को संभालें। उन्हें संबल दें। उनका आत्मबल बढ़ाएं। सफलता पाने के लिए अभी और भी रास्तें हैं, जिनमें मेहनत करके बच्चे अपनी कामयाबी स्थापित कर सकते हैं। बच्चों को हीनभावना से बचाकर उनके साथी बनें।
- डॉ. रवि राणा मनोचिकित्सक
हेल्पलाइन दूर करेगी रिजल्ट का तनाव
सीबीएसई की ओर से छात्रों व परिजनों के लिए रिजल्ट का तनाव दूर करने के लिए विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। पिछले दो वर्षों से बोर्ड हर साल परीक्षा परिणाम आने पर यह सुविधा देता रहा है। इसमें छात्रों को अगर कम नंबर आने या खराब परीक्षा परिणाम को लेकर कोई तनाव या परेशानी है तो वह हेल्पलाइन की मदद ले सकता है। छात्र और परिजन नतीजे आने के बाद से लेकर रात 10 बजे तक हेल्पलाइन पर फोन कर परेशानी सुलझा सकते हैं। सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं। हेल्पलाइन 9 जून तक चलेगी। छात्र या परिजन हेल्पलाइन के नंबर 1800118004 टोलफ्री पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा 9837159564 पर भी कॉल कर सकते हैं।
-डॉ. पूनम देवदत्त, काउंसलर
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