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मेरठ : कैटल कॉलोनी के लिए अब नंगलापातू का परीक्षण होगा, डीएम ने कहा डेयरी संचालक भी बताएं जगह

Thu, 11 Mar 2021 01:54 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बूचड़खाना
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मेरठ  जिला प्रशासन, एमडीए और नगर निगम ने एक बार फिर कैटल कॉलोनी के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। शहर के अंदरूनी इलाकों में स्थापित डेयरियां गंदगी फैलाने और नालों में गोबर बहाए जाने के लिए जानी जाती हैं।  
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इस मामले में हाईकोर्ट में चल रहे मामले को देखते हुए जिलाधिकारी के. बालाजी ने बुधवार को अधिकारियों और पशुपालकों के साथ बैठक की। एमडीए को हापुड़ रोड स्थित नंगलापातू में डेढ़ हेक्टेयर जमीन का परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। यह जमीन ग्राम सभा की है।

इससे पहले रैसना और अलीपुर जिजमाना में कॉलोनी के लिए भूमि परीक्षण के दौरान उपयुक्त नहीं पाया गया था। डीएम ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में बनी डेयरियों को शहर से बाहर स्थापित किया जाएगा। कैटल कॉलोनी के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जितनी जमीन चाहिए अगर उतनी जमीन नहीं मिलती है तो जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
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उन्होंने डेयरी संचालकों से भी जमीन तलाशने के लिए कहा। मेरठ महानगर डेयरी संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय, महासचिव प्रवेश त्यागी और आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने बताया कि निगम क्षेत्र में पड़ी चारागाह और बचत की जमीन कैटल कॉलोनी के लिए ली जा सकती है। जमीन का भू उपयोग बदलवाने के लिए शासन की मंजूरी के लिए फाइल भेजी जाए।
 
गोबर निस्तारण की व्यवस्था करें डेयरी संचालक
डीएम ने 4 जनवरी, 2019 के हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में डेयरी संचालकों से कहा कि जब तक डेयरी शहर से बाहर नहीं जाती हैं, तक गोबर निस्तारण की व्यवस्था करें।

सबमर्सिबल के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कहा कि जो भी डेयरी संचालक गोबर नालों में बहाता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम डेयरियों में अवैध सबमर्सिबल के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस्लामाबाद और शास्त्री नगर क्षेत्र से दर्जनों डेयरियों से सबमर्सिबल जब्त किए गए हैं।
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