मेरठ जिला प्रशासन, एमडीए और नगर निगम ने एक बार फिर कैटल कॉलोनी के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। शहर के अंदरूनी इलाकों में स्थापित डेयरियां गंदगी फैलाने और नालों में गोबर बहाए जाने के लिए जानी जाती हैं।
इस मामले में हाईकोर्ट में चल रहे मामले को देखते हुए जिलाधिकारी के. बालाजी ने बुधवार को अधिकारियों और पशुपालकों के साथ बैठक की। एमडीए को हापुड़ रोड स्थित नंगलापातू में डेढ़ हेक्टेयर जमीन का परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। यह जमीन ग्राम सभा की है।
इससे पहले रैसना और अलीपुर जिजमाना में कॉलोनी के लिए भूमि परीक्षण के दौरान उपयुक्त नहीं पाया गया था। डीएम ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में बनी डेयरियों को शहर से बाहर स्थापित किया जाएगा। कैटल कॉलोनी के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जितनी जमीन चाहिए अगर उतनी जमीन नहीं मिलती है तो जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।