नोट बंदी के 10 वें दिन शुक्रवार को हालात और खराब हो गए। आरबीआई से कैश न मिलने से कई जगह सुबह बैंक खुलते ही नो कैश के नोटिस लगा दिए गए। ना कैश मिला, न नोट बदले गए। जिन बैंकों में थोड़ा बहुत कैश था, वहां भी इतनी मारामारी मची कि दोपहर होते-होते बैंकों ने हाथ खडे़ कर दिए। घंटों लाइन में लगे लोगों को मायूस लौटना पड़ा। आरबीआई से गजट न पहुंचने और कैश का टोटा बताकर शादी वाले परिवारों को भी लौटा दिया गया। ये भी दिन भर भटकते रहे।
जिले के अधिकांश बैंकों में शुक्रवार शाम को ही कैश खत्म हो चुका था। उन्हें उम्मीद थी कि आरबीआई से कैश मिल जाएगा। लेकिन कैश की व्यवस्था न होने से सुबह बैंक खुलते ही वहां नो कैश के नोटिस लगा दिए गए। पीएनबी की बागपत रोड, कचहरी, नैनीताल बैंक बच्चा पार्क, सिंडिकेट बैंक कचहरी सहित कई बैंकों में दोपहर 12 बजे ही कैश खत्म था। लोग वापस लौट रहे थे। बच्चा पार्क स्थित नैनीताल बैंक में सुबह सिर्फ 1.20 लाख रुपये थे, जिन्हें 12 बजे तक बांट दिया गया। दो लोग बेटियों की शादी के लिए कैश लेने पहुंचे लेकिन वापस लौटना पड़ा।
यही हाल शहर की अधिकांश शाखाओं का रहा। शादी वाले परिवारों को भी कैश की कमी और आरबीआई का गजट न मिलने की बात कहकर वापस लौटाया जा रहा था। कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक, ईस्टर्न कचहरी बागपत रोड पीएनबी में इसे लेकर हंगामा हुआ। जिन बैंकों में कैश था, उन्होंने सिर्फ अपने खाताधारकों के ही नोट एक्सचेंज और कैश निकासी की। बाकी लोगों को लौटा दिया गया। हालत यहां तक पहुंच गई है कि बैंकों की चेस्ट से पुराने नोट भी बांटे जा चुके हैं, वहां भी कैश खत्म होने को हैं।
आरबीआई से भी नहीं बन पाई बात
शहर और देहात क्षेत्रों से भी बेटियाें की शादी के लिए बैंकों से कैश न मिलने की सैकड़ों शिकायतें आई। जिलाधिकारी कार्यालय और लीड बैंक मैनेजर के यहां एक के बाद एक फोन आते रहे। हर कोई बैंकों की शिकायत कर रहा था। एलडीएम ने बताया कि सौ से ज्यादा लोगों के फोन आए। एडीएम ने आरबीआई के अधिकारियों से संपर्क किया। लेकिन बात नहीं बनी।
एटीएम अपडेट हुए तो कैश नहीं
मेरठ। कई बैंकों ने अपने एटीएम अपडेट करा दिए हैं। जिसके बाद इनमें दो हजार का नया नोट भी डाला जा सकता है। लेकिन इसके बाद यहां कैश का टोटा हो गया है। यूनियन बैंक दिल्ली रोड के शाखा प्रबंधक पीएन गरोठिया ने बताया कि उनके एटीएम अपडेट हो चुके हैं। इनमें 16 लाख से अधिक का कैश डाला गया है। लेकिन कैश की कमी की वजह से दिक्कत बनी है।
इनके लिए नहीं अलग से व्यवस्था
मेरठ। सरकार के तमाम दावों के बावजूद बैंकों में सीनियर सिटीजन और महिलाओं के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिस कारण सभी को एक ही कतार में लगना पड़ रहा है। इसी वजह से बुजुर्ग और महिलाएं परेशान हैं। कुछ जगह छेड़खानी की घटनाएं भी हो रही हैं। एलडीएम ने बताया कि इस संबंध में सभी बैंकों के रीजनल मैनेजरों को लिखा जा चुका है। फिर से इस संबंध में कहा जाएगा।