चोरी की गाड़ी चलाने के मामले में इंस्पेक्टर अमित पर केस दर्ज
मेरठ। पत्नी से विवाद के बाद चर्चाओं में आए इंस्पेक्टर अमित कुमार के खिलाफ चोरी से गाड़ी चलाने के मामले में सिविल लाइन थाने में तीन साल बाद केस दर्ज हो गया है। इंस्पेक्टर के खिलाफ बनारस से भी एनबीडब्ल्यू का नोटिस मेरठ पुलिस के पास आया हुआ है। पुलिस अब इंस्पेक्टर की तलाश में लग गई। पुलिस ने बताया कि विवेचना में इंस्पेक्टर का कारनामा उजागर हुआ है।
पल्लवपुरम निवासी अमित कुमार यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। उसकी तैनाती जौनपुर में बताई जा रही है। अमित का पत्नी मीनाक्षी से विवाद चल रहा है। इंस्पेक्टर पर कई मुकदमे पंजीकृत हैं। पत्नी दावा करती रही है कि अमित यूपी पुलिस से बर्खास्त हो गया है, जबकि वह खुद को जौनपुर में तैनात बताता है।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2019 में कचहरी से चोरी की एक स्विफ्ट गाड़ी बरामद हुई थी। इसमें सेवानिवृत सीओ के बेटे राजीव आर्य गाड़ी में मिले थे। सिविल लाइन थाने में राजीव आर्य पर चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें चार्जशीट दाखिल हो गई थी। मीनाक्षी की शिकायत पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने चार्जशीट कोर्ट से वापस कराई और मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराई। जांच में पता चला कि राजीव आर्य का गाड़ी से कोई वास्ता नहीं था, यह गाड़ी इंस्पेक्टर अमित लेकर आया था। इसके चलते पुलिस ने राजीव आर्य को क्लीनचिट दी और अमित के खिलाफ चोरी की गाड़ी का मुकदमा दर्ज हो गया। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि यह गाड़ी 2012 में मथुरा के कौशीकलां से चोरी हुई थी। गाड़ी लावारिस हालत में पुलिस को मिली थी। इसके बाद उसे इंस्पेक्टर अमित चला रहा था। पुलिस अमित की तलाश में लग गई है।