कलक्ट्रेट में नीरज की आत्महत्या के मामले में विद्युत निगम के एसडीओ, जेई समेत आठ के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला यूपी के बिजनौर जनपद का है।
मुजफ्फरनगर के मीरापुर निवासी नीरज ने मंगलवार को बिजनौर में कलक्ट्रेट में जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। नीरज ने विद्युत निगम के जेई, राजस्व विभाग के अमीन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। नीरज के पास से मिले शिकायती पत्र में उसने लिखा था कि वह चक्की चलाता था। विद्युत निगम के जेई विनीत सैनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे बिजली चोरी के झूठे आरोप में फंसा दिया। उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। जेई ने उससे मामले को खत्म करने के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी। उसने रिश्वत देने से मना किया तो जेई विनीत सैनी और राजस्व विभाग के अमीन अजय गर्ग ने उसे घर से उठा लिया व उससे 20 हजार रुपये छीन लिए। यह रुपये उसने अपनी मां के इलाज के लिए रखे थे। नीरज की मौत से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने नीरज के शव का पोस्टमार्टम कराया।
वहीं बुधवार को नीरज के बेटे हर्षित ने मामले में विद्युत निगम के एसडीओ जानसठ, जेई विनीत सैनी, मीटर रीडर संदीप, राजस्व विभाग के अमीन अजय गर्ग, विद्युत निगम के बिचौलिये गौरव व तीन अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। हर्षित ने रिपोर्ट में बताया कि इन सभी ने मिलकर उसके पिता का शोषण किया। इसकी वजह से उसके पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।
शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा के अनुसार मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसकी जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/