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यूपी: मेरठ में हो सकता था निठारी जैसा कांड..., ‘तीसरी आंख’ से खुला घिनौनी वारदात का राज   

Thu, 02 May 2019 12:26 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बच्चियों से यौन शोषण का आरोपी विमल चंद, पुलिस ने इसे गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र की एक पॉश कॉलोनी का यह प्रकरण निठारी कांड से कम नहीं। फर्क सिर्फ इतना है कि निठारी कांड में हैवान सुरेंद्र कोली बच्चियों से दरिंदगी करता था और फिर उनकी हत्या कर देता था। यहां इस कॉलोनी में एक बीमा कंपनी का पूर्व अधिकारी परवरिश का खर्च देने के नाम पर बच्चियों को अपने घर पर बुलाकर दरिंदगी करता था। यह हैवान पॉश इलाके में सभ्य समाज के बीच छिपा था। पुलिस ने आरोपी घटना की जानकारी लगते ही आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया। 
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लोगों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि ऐसा राक्षसी प्रवृति का कोई व्यक्ति उन्हीं के बीच रह रहा होगा। उनकी नाबालिग बच्चियों के साथ ऐसी घिनौनी हरकत कर रहा होगा। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में इस व्यक्ति की ऐसी घिनौनी हरकत कैद हुई हैं, जिनकी तस्वीरें दिखाई भी नहीं जा सकतीं। लेकिन उसकी हैवानियत को समाज में सार्वजनिक करना बेहद जरूरी है। ताकि इस हैवान की घिनौनी हरकत सभ्य लोगों को भी पता चले।

इस कृत्य में और कौन-कौन शामिल
अहम सवाल यह है इस घिनौने कृत्य में और कौन-कौन शामिल हैं। इस व्यक्ति के साथ एक और व्यक्ति भी फुटेज में दिखाई दे रहा है जो इन बच्चियों के साथ बैठा है। साथ ही कुछ महिलाएं भी नजर आ रही हैं। इससे यह तो साफ है कि यह अकेला इस काम में शामिल नहीं है। उसके साथ और भी लोग हैं। क्या उसका कृत्य केवल अपने तक ही सीमित है या वह आगे भी इसे बढ़ा रहा है। 

दिखाता है सौम्य व्यवहार  
यह व्यक्ति अपना व्यवहार बेहद सौम्य बनाए हुए है। आसपास के लोगों में वह अपनी छवि को लेकर भी सजग है और इसी तरह का व्यवहार करता है। लोगों को यही लगता कि वह बेहद शरीफ है। उसके इस चेहरे के पीछे वास्तव में क्या है इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी। जिस कंपनी में वह काम कर चुका है वहां के लोगों को भी पता नहीं कि इसका वास्तविक रूप क्या है? वहां भी लोगों का यही मानना है कि वह बेहद शरीफ आदमी है। चूंकि इन लोगों को उसके कुकर्मों की भनक तक भी नहीं है।

स्कूली ड्रेस में आईं बच्चियां
बच्चियों के परिजनों को परवरिश का खर्च देने का जाल बिछाकर इस पूरे कांड की पटकथा लिखी गई है। फुटेज में बच्चियां इसी के मकान में स्कूल यूनिफार्म में आती-जाती नजर आ रही हैं। माना जा रहा है कि स्कूल भेजने तक का खर्चा इसी व्यक्ति ने उठाया ताकि जाल को बुरी तरह से मजबूत किया जा सके।
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सभी पहलुओं पर जांच जरूरी
इस दरिदंगी की हर पहलू पर जांच होना जरूरी है। चूंकि यह काम इतना घृणित है तो आवश्यक यह है कि हर बिंदु पर जांच हो। किस तरह से इस व्यक्ति ने इस पूरे कांड का खाका तैयार किया। किन-किन लोगों को जोड़ा और शिकायत करने से कैसे लोगों को रोका?

लोगों को क्यों  नहीं भनक
आश्चर्य की बात यह है कि यह काम महीनों से चल रहा है। लेकिन पड़ोसियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। क्या केवल अपनी छवि के सहारे ही यह व्यक्ति मामले के उजागर होने से बचता रहा। किसी को इस पर शक ही नहीं हुआ और न ही यह बात कहीं बाहर सार्वजनिक हुई। 

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