राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संभागीय उपनिदेशक पुष्पराज ने बताया कि जब इसकी जांच कराई गई तो पता चला कि भाजपा नेता सुनील भराला और उनके भाई अजय भराला ने ताले तुड़वाए हैं।
इसके बाद मंडी परिषद के अधिकारी गेट बंद कर उन पर वेल्डिंग कराने पहुंचे। जिस पर उन्हें धमकाया गया। लेकिन कर्मचारी गेट पर वेल्डिंग कराकर ही लौटे। इस मामले में पुष्पराज सिंह ने जिलाधिकारी, एसएसपी और एमडीए वीसी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन पुलिस-प्रशासन पूरे मामले पर चुप्पी साध कर बैठ गया।
समाचार प्रकाशित होते ही हट गया एसी
वहीं पुष्पराज सिंह के शिकायती पत्र पर अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद मंडी परिषद के भूखंड की तरफ जो एसी लगाया गया था, वह हटा दिया गया और उस जगह को भी ईंटों से भरकर पूरी दीवार पर पेंट करा दिया गया है।
एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
पूरे मामले को लेकर उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील भराला के छोटे भाई और भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अजय भराला ने संभागीय उपनिदेशक पुष्पराज सिंह पर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि किसानाें का मंडी में शोषण हो रहा है। जिसे लेकर उनके द्वारा मंडी निदेशक से पुष्पराज सिंह की शिकायत की गई थी। क्योंकि पुष्पराज सिंह के इशारे पर मंडी समिति के अधिकारी व कर्मचारी किसानों से मोटी अवैध वसूली कर रहे हैं। इसी से रंजिश रखते हुए उन्होंने उनके खिलाफ षड्यंत्र किया है।
वहीं, दूसरी तरफ पुष्पराज सिंह ने बताया कि भराला बंधु मंडी परिषद के खाली भूखंड पर निजी पार्क बनाना चाहते थे। यही नहीं, उन्होंने गेट का ताला तोड़कर अपने होर्डिंग आदि भी उसके अंदर रख दिए थे।
जबकि यह सरकारी जमीन है तो इस पर किसी का भी कब्जा कैसे होने दिया जा सकता है। लेकिन जब मंडी परिषद के अधिकारी गेट पर वेल्डिंग कराने पर पहुंचे तो इन लोगों ने उन्हें धमकाया और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। जिस कारण उन्होंने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को पत्र लिखा।
अंदरूनी राजनीति भी गहराई
इस प्रकरण में अब भाजपा की अंदरूनी राजनीति भी गहरा गई है। भाजपा के ही कुछ लोगों ने पूरे प्रकरण को लखनऊ में पार्टी के आला नेताओं तक पहुंचा दिया है। जहां से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों के साथ ही पुलिस-प्रशासन से भी पूरे मामले पर गोपनीय रिपोर्ट तलब की गई है।
आरोप बेबुनियाद
मेरे या मेरी पत्नी बच्चों के नाम पर कोई भूखंड या आवास मेरठ में नहीं है। मेरा आवास सिर्फ भराला गांव में है इसलिए सारे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। -पं. सुनील भराला, अध्यक्ष, उप्र श्रम कल्याण बोर्ड
खुन्नस में दे रहे बयान
हमारा इस मामले से कोई मतलब नहीं है और न ही निर्माणाधीन भवन हमारा है। पुष्पराज किसानों का आर्थिक शोषण कर रहे थे। जिसका उन्होंने किसान मोर्चा का नेता होने के नाते विरोध किया था। इसी कारण वह खुन्नस में उल्टा सीधा बयान दे रहे हैं। - अजय भराला, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा
निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से एक शिकायत आई थी। जिसमें भाजपा नेता सुनील भराला और अजय भराला पर सरकारी जमीन की चारदीवारी तोड़ने का आरोप लगाया है। निष्पक्ष जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -अजय साहनी, एसएसपी