- पुराने अपराधी और कस्बे से बाहर जाने वालों को किया जा रहा चिह्नित
- डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए, फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवालखास में तीन मासूमों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी (7) की मौत के मामले में पुलिस अब तक 68 लोगों से पूछताछ कर चुकी है, मगर ऐसा कोई भी सुराग नहीं मिला, जिससे पुलिस इस केस की गुत्थी को सुलझा सके। पुलिस अब पुराने अपराधियों और कस्बे से बाहर जाने वाले लोगों को चिन्हित कर सूचीबद्ध कर रही है। इसके साथ ही पुलिस डिजिटल साक्ष्य भी एकत्र कर रही है। इन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
एडीजी भानु भास्कर के निर्देश पर गठित एसपी क्राइम, एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह की टीम लगातार इस केस में छानबीन कर रहे हैं। परिजनों से लेकर पड़ोसी, दुकानदार, मजूदर, फल-सब्जी विक्रेताओं समेत अभी तक 68 लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी फु़टेज भी देखी गई। फुटेज में बच्चे तीन अगस्त रविवार की दोपहर को खेलते हुए दिखाई दे रहे हैं। मगर वे कब गायब हुए और कैसे निर्माणाधीन कॉलोनी के प्लॉट में पानी के गड्ढे तक कैसे पहुंचे, अभी तक इसका सुराग पुलिस को नहीं मिला है। घटनास्थल के आसपास कोई भी सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सका।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों बच्चों की मौत डूबने से होना आया था, मगर बच्ची मानवी की गर्दन की हड्डी भी टूटी मिली थी। पुलिस ने बच्चों की मौत के मामले में ऋतिक के पिता हिम्मत की ओर से अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है, जबकि पुलिस ने अपनी ओर से बिल्डर असलम के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या को केस दर्ज किया था, जिसमें बिल्डर को जमानत मिल गई है। कोर्ट में इसे हादसे का मामला माना है।
उधर, तीनों बच्चों की मौत का संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा लिए जाने पर पुलिस इस मामले से संबंधित पत्रावली भी तैयार कर रही है, ताकि जवाब भेजा जा सके। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस लगातार जांच कर रही है।
कांग्रेसी पीड़ित परिवारों से मिले
जानीखुर्द। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रविवार को पीड़ित परिवारों के घर पहुंचा। कांग्रेस नेताओं ने मृतकों के परिजनों से बात की। उन्होंने कहा कि बच्चों की हत्या हुई है तो पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करे। नेताओं ने परिजनों को सांत्वना देते हुए बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद और न्याय दिलवाने का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल में दीपक कुमार, पूर्व विधायक गजराज सिंह, सदस्य अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अवनीश काजला, जिला कोऑर्डिनेटर विशाल वशिष्ठ, जिला अध्यक्ष गौरव भाटी, दीपक कुमार, दिनेश उपाध्याय, रोहित गुर्जर, मनोज कुराली, विनोद मोगा, जगदीश शर्मा, अनिरुद्ध त्यागी, राहत चौहान, विजय चिकारा, अरुण त्यागी, सैयद रिहानुद्दीन आदि शामिल रहे।