दरोगा से मारपीट की सूचना पर इंचौली थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि सुशील के परिजनों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने परिवार पर लाठियां बरसा दी थीं। पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा। इसके बाद पुलिस ने सुशील और उसकी पत्नी कविता और रोशनी के अलावा कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
घटना के दौरान किसी ने पुलिसकर्मियों के महिलाओं को पीटने का वीडियो मोबाइल से बना लिया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। शनिवार को सरधना विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पर धरना दिया था।
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर अनशन की चेतावनी दी थी। इस मामले में एसएसपी ने थाना प्रभारी नितिन पांडेय, चौकी प्रभारी इंद्रेश विक्रम सिंह, दरोगा सुमित गुप्ता और पवन सैनी व सिपाही वसीम को लाइन हाजिर कर दिया।
पीड़ित परिवार की कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से बात कराई
लावड़। इस मामले में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रविवार को विभिन्न राजनीतिक दल के लोग पहुंचे। राट्रीय जाटव महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेमपाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और हाल जाना।
उन्होंने परिवार के लोगों से वार्ता की और प्रशासन से कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल सरधना विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सैय्यद रिहानुद्दीन के नेतृत्व में पहुंचा और परिजनों से बात की। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय राय से फोन पर वार्ता कराई।