फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ: आश्रम के विवाद में पीटीसी एडीजी समेत में 30 के खिलाफ मुकदमा दर्ज, रिटायर्ड जज भी शामिल

Wed, 06 Jan 2021 01:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

मेरठ में बागपत रोड पर स्थित आश्रम के विवाद में सीतापुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के एडीजी समेत 30 लोगों के खिलाफ अवैध तरीके से भूमि खरीद को लेकर धोखाधड़ी के मामले में सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। पांचली गांव में राम चरितमानस का प्रचार प्रसार करने वाले बदरी नारायण सेवा ग्राम की संचालन समीति के पैसों से निजी व्यक्ति के नाम पर भूमि खरीदे जाने के विवाद को लेकर यह कार्रवाई हुई है।

विज्ञापन


जिले बागपत रोड पर पांचली गांव में बदरी नरायण सेवा ग्राम रामचरित मानस का प्रचार-प्रसार विदेशों तक करने का कार्य किया जाता है।  इसका संचालन मानस साधना मंडल ट्रस्ट करती है। ट्रस्टी कृष्णानंद कुमार का आरोप है कि साधना मंडल की सिस्टर ट्रस्ट 1994 में बरेली रजिस्ट्रार कार्यालय में आईएएसएस नाम से पंजीकृत हुई। अवैध रूप से इसकी सप्लीमेंट्री ट्रस्ट मेरठ में वर्ष-2016 में पंजीकृत कराई गई, जबकि यह भी बरेली में पंजीकृत होनी चाहिए थी।

यह भी पढ़ें:  Bird flu: प्रशासन सतर्क, यूपी में पोल्ट्री फार्म मालिक को किया चौकस, वेटलैंड में प्रवासी पक्षियों की निगरानी शुरू
विज्ञापन


आरोप है कि आईएएसएस ट्रस्ट के खाते से दो करोड़ रुपये निकाले गए और पांचली में ही छह एकड़ जमीन घनश्याम अग्रवाल के नाम पर खरीदी गई जो इस ट्रस्ट में खाता संचालक हैं। कृष्णानंद कुमार का आरोप है कि ट्रस्ट के पैसे से निजी व्यक्ति के नाम पर जमीन नहीं खरीदी जा सकती।

ट्रस्टी ने पिछले दिनों मेरठ पुलिस में शिकायत की थी जिसके बाद कार्रवाई न होने पर एसीजेएम-5 की अदालत में केस डाला। कोर्ट ने 15 दिसंबर को एफआईआर का आदेश दिया। अब 29 दिसंबर को मेरठ के थाना सिविल लाइन में 30 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468, 469, 470, 471, 406, 379, 342 में केस दर्ज हुआ है। इसमें सीतापुर पीटीसी में तैनात एडीजी राजा श्रीवास्तव और उनके रिश्तेदार, एक रिटायर्ड जिला जज, गुजरात व गाजियाबाद के कई बिल्डर व ट्रस्ट से जुड़े कई लोग शामिल हैं।
विज्ञापन


शिकायत में कहा गया है कि ट्रस्ट के पैसे से निजी व्यक्ति के नाम पर जमीन खरीदी गई। कहा गया है कि सप्लीमेंट्री ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन अवैध तरीके से हुआ है। अवैध रूप से डीड बनाकर करोड़ों की संपत्ति हड़पी गई।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें