मुज्मिल का आरोप है कि हापुड़ रोड स्थित ढिकौली गांव में उनकी 4050 मीटर जमीन थी। 2002 में उनकी मां मीरा उर्फ मीजा की मौत के बाद यह जमीन मुज्मिल और उसके भाई यामीन, मुस्तकीम, नवाब के नाम चढ़ गई। लेकिन पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी ने धोखाधड़ी करके आबिद अख्तर से यह जमीन अभिलेखों में अपने नाम करा ली।
इसकी शिकायत मुज्मिल ने कोर्ट में की और वाद भी दायर किया। जिसमें कोर्ट ने याकूब कुरैशी द्वारा कराए गए बैनामे को फर्जी करार दे दिया और जमीन चारों भाइयों के नाम फिर से दर्ज हो गई है।
13 सितंबर 2019 को मुज्मिल अपने दोस्तों के साथ जमीन पर पहुंचा। जहां पर याकूब कुरैशी और इमरान समेत दर्जनों लोग पहुंचे। आरोप है कि पिता-पुत्र और अन्य लोगों ने जान लेने की नीयत से उसके ऊपर गोलियां चला दी। जिसमें वह बाल बाल बच गया।
मुज्मिल ने पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की। पुलिस ने जांच पड़ताल की और फिर मुज्मिल की शिकायत पर याकूब और इमरान के खिलाफ खरखौदा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 532/19 में धारा 307, 447, 471, 468, 467 और 420 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया।