फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्राम समाज की 200 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त कराई

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम समाज की 200 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त कराई
विज्ञापन

हस्तिनापुर। परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर के जंगल में पिछले करीब 20 वर्षों से किसानों के कब्जे चल रही ग्राम समाज की करीब 200 हेक्टेयर भूमि को शनिवार को राजस्व विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी कब्जा मुक्त कराकर वन विभाग के सुपुर्द किया गया। इस दौरान तहसील अधिकारियों के अलावा पुलिस फोर्स मौजूद रहा। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग मेरठ के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
नायब तहसीलदार उदयवीर सिंह, चकबंदी विभाग, राजस्व विभाग व वन विभाग के हस्तिनापुर रेंजर नवरत्न सिंह, रेंजर परीक्षितगढ़, रेंजर रिठानी, सरधना आदि सहित वन विभाग के सर्वेयर बिजेंद्र सिंह भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीन लेकर शनिवार को मिर्जापुर के जंगल में पहुंचे। विभिन्न विभागों की टीम ने लगभग 20 सालों से ग्रामीणों के कब्जे में चल रही ग्राम समाज की 200 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया। इस बीच इस भूमि पर खड़ी गेहूं और गन्ने की फसल को भी नष्ट किया गया। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने इस भूमि को चिह्नित कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन

लंबे समय से था जमीन पर कब्जा
ग्राम समाज की इस भूमि पर आसपास के लोगों का 20 वर्षों से भी ज्यादा समय से कब्जा था। सरकारी भूमि पर करोड़ों रुपये की फसल उगाकर यह लोग अवैध तरीके से काट रहे थे। पता होने के बावजूद राजस्व विभाग ने इस भूमि उनके कब्जे से कब्जा मुक्त नहीं कराया था।
इस भूमि पर होगा वृक्षारोपण
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग के निर्देश पर इस जमीन पर 7.64 लाख पौधों का रोपण होगा। इसके लिए यह भूमि आवंटित की गई है।
वन विभाग को स्थानांतरित की भूमि
हस्तिनापुर क्षेत्र के रेंजर नवरत्न सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में लगभग 200 हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग की है। इस भूमि को शासन के दिशा निर्देश के बाद वन विभाग को स्थानांतरित कर दिया है।
कई बार चेतावनी दी, नहीं छोड़ा कब्जा
राजस्व विभाग और वन विभाग अधिकारियों के अनुसार उक्त भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों को कई बार चेतावनी दी गई। नोटिस भी जारी किए, परंतु किसी ने एक नहीं सुनी। उक्त भूमि पर गेहूं, गन्ना सहित अन्य कई प्रकार की फसलें उगाई जा रही थी।
हजारों हेक्टेयर भूमि पर है भू माफिया का कब्जा
हस्तिनापुर। मिर्जापुर के जंगल में ग्राम समाज की करीब 200 हेक्टेयर भूमि से कब्जा मुक्त कराए जाने से भू माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा है कि मिर्जापुर ही नहीं, हस्तिनापुर क्षेत्र के मनोहरपुर, सिरजोपुर, जलालपुर जोरा आदि गांवों में भी हजारों हेक्टेयर ग्राम समाज की भूमि पर अवैध रूप से भू माफिया का कब्जा है, जिस पर कब्जे को लेकर कई बार तनाव की स्थिति भी बनी है। यहां तक कि कब्जे को लेकर गोलियां तक चलने की सूचना पुलिस को दी गई। गंगा का जलस्तर शुरू होते ही यहां पर जमीन पर कब्जे का सिलसिला शुरू होता है और उसके बाद धीरे-धीरे इन पर फसल उगा ली जाती है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार जमीन पर कब्जा लेने का प्रयास किया और कई बार ग्राम समाज की भूमि को चिह्नित भी किया गया, परंतु आज तक इस भूमि को अवैध भू माफिया से कब्जा मुक्त नहीं कराया गया।
जानकारों का मानना है कि बिजनौर जिले के भू माफिया का भी हस्तिनापुर क्षेत्र की भूमि पर बड़ा कब्जा है, जिसे कब्जा मुक्त कराने के लिए क्षेत्र के कई लोग उप जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं, परंतु आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। करोड़ों रुपये की गन्ने की फसल खड़ी इस जमीन पर खड़ी हुई है। इस कार्रवाई के बाद भू माफिया साठगांठ की फिराक में लग गए हैं।
विज्ञापन

अब यहां कार्रवाई का इंतजार
ग्राम समाज की हजारों हेक्टेयर भूमि मिर्जापुर के अलावा बाघपुर, जलालपुर जोरा, मनोहरपुर आदि के जंगलों में मौजूद है, जिसे चिह्नित किया गया, परंतु आज तक कब्जा मुक्त नहीं कराया गया। अब लोगों को इंतजार है कि हस्तिनापुर क्षेत्र में ग्राम समाज की भूमि कब्जा मुक्त होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें