मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या होने से पुलिस-प्रशासन कठघरे में खड़ा है। जेल में पिस्टल कैसे पहुंची, इसी सवाल में जेल प्रशासन घिरा है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि पुलिस-प्रशासन की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके बावजूद शनिवार को पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। बजरंगी का हत्यारोपी सुनील राठी मेरठ कैंट में किसी से मिलकर गया है। अंदेशा यह भी है कि राठी की ये मुलाकात फिर कोई बड़ी वारदात न करा दे।
पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मुख्य आरोपी कुख्यात सुनील राठी को शनिवार दोपहर बागपत जेल से फतेहगढ़ जेल के लिए रवाना किया गया। पुलिस फोर्स राठी को मेरठ कैंट से होते फतेहगढ़ लेकर गई। कैंट इलाके में पुलिस का काफिला आगे निकल गया और राठी की गाड़ी थोड़ी देर के लिए इलाहाबाद बैंक के पास रुकी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक युवक राठी से मिला, जिससे करीब उसकी दो मिनट बात हुई।
सवाल उठता है कि आखिर राठी को मेरठ कैंट के रास्ते से क्यों ले जाया गया। बंदी वाहन के साथ पुलिस की गाड़ियां दो मिनट के लिए अलग क्यों हुईं। इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं शहर में हैं। इसे पुलिस की लापरवाही कहेंगे या फिर कुछ और क्योंकि राठी को दूसरे रास्ते से भी फतेहगढ़ ले जाया जा सकता था। सुनील राठी से उक्त युवक की क्या बात हुई, इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे है। फतेहगढ़ जाने से पहले राठी की यह संक्षिप्त मुलाकात कहीं फिर से वारदात न करा दे।
मामला बेहद गंभीर
मामला बेहद गंभीर है, जिसकी जांच होगी। बागपत से मेरठ आने में दो-तीन घंटे लगते है। हो सकता है कि खाने पीने का सामान लेने के लिए बंदी वाहन रुका हो। सुनील राठी की मुलाकात पुलिस नहीं करा सकती। -रामकुमार, आईजी मेरठ रेंज