मेरठ। किसानों की जमीनों के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने के लिए की जा रही फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अभियान के रूप में किया जाएगा। जिले 247360 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जानी है। अभी तक मात्र 92041 किसानों की ही आईडी बन पाई है। इसको लेकर मुख्य विकास अधिकारी ने 150 गांवों पर 50 अधिकारियों को लगाया है। सरकार का स्पष्ट आदेश है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी उनको पीएम सम्मान निधि योजना की अगली किस्त नहीं मिलेगी। आगामी वर्षों में सरकार द्वारा खाद और बीज भी फॉर्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने सभी अधिकारियों को गांव में पहुंचकर लोगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी किसानों के जमीन के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है, जिसमें किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाएगी। यह कार्य पहले 31 जनवरी तक पूर्ण किया जाना था, परंतु जिले के सभी किसानों की फार्मर आईडी न बनने के कारण इसकी तिथि को आगे बढ़ाया गया है। फार्मर आईडी जन सेवा केंद्र, पंचायत सहायक, लेखपाल, कृषि सहायक के माध्यम से बनाई जा रहीं हैं। जिसके लिए किसानों को अपना आधार कार्ड और मोबाइल लेकर जन सेवा केंद्र पर जाना है। आगामी वर्षों में सरकार द्वारा खाद और बीज भी फॉर्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही दिया जाएगा।