संदीप की फरारी के बाद जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। बंदी को गुपचुप तरीके से फोन करने की भी सुविधा बंदी रक्षक कराते थे। इसकी पोल संदीप के फरार होने के बाद उसकी पत्नी मनीषा ने ही खोल दी।
जेल से भागने के बाद संदीप ने अपनी पत्नी को सुबह 11:30 बजे फोन किया। पत्नी पांच दिन पूर्व जेल में मुलाकात करके आई थी। संदीप बोला कि मैं जेल तोड़कर भाग आया हूं, तू टेंशन मत लेना। इसे सुनकर मनीषा बोली कि मजाक मत करो। मुझे पता कि तुम जेल के कृषि फार्म में होंगे व बंदी रक्षक के फोन से बात कर रहे हो। जिस पर संदीप बोला कि ऐसा नहीं है, मैं फिलहाल भावनपुर गांव में हूं और अब वहां से दूर भाग जाऊंगा। बच्चों का ध्यान रखना। इतना कहकर फोन काट दिया। मनीषा को यकीन नहीं था कि वाकई संदीप जेल से भाग गया। क्योंकि फार्म में जाने के बाद संदीप अक्सर उससे फोन पर बात करता था। दोपहर एक बजे भावनपुर पुलिस संदीप के घर पहुंची, तब मनीषा को यकीन हुआ कि संदीप जेल से भाग गया है। मनीषा ने फोन आने की बात भी पुलिस को बताई।
फार्म से फोन करते हैं बंदी
पुलिस के मुताबिक मनीषा ने पूछताछ में बताया कि वह पांच दिन पहले संदीप से जेल में मुलाकात कर आई थी। संदीप ने उसे बताया था कि अधिकांश बंदी जेल के कृषि फार्म पर काम करने जाते हैं तो अपने घर पर फोन पर बात करते है। बात कराने के बदले में उनसे पैसा लिया जाता है। जेल में अंदर क्या-क्या होता है, यह बात भी संदीप मनीषा को बताता था।