स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहीं महिलाएं
यह सच है कि कुछ महिलाएं दर्द से बचने के लिए सामान्य डिलीवरी के बजाय ऑपरेशन करवाने को वरीयता देती हैं, लेकिन अब महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रही हैं, दिनचर्या बेहतर कर रही हैं, नतीजतन सरकारी में ही नहीं निजी अस्पतालों में ही सामान्य डिलीवरी बढ़ी हैं।
- डॉ. मनीषा त्यागी, स्त्री एवं महिला रोग विशेषज्ञ
सामान्य प्रसव बेहतर रहता है
महिला जिला अस्पताल में प्रयास रहता है कि सामान्य प्रसव हों। दरअसल, सामान्य डिलीवरी के कुछ समय बाद ही महिलाएं चल सकती हैं। प्रसव के दौरान शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, ये हार्मोन दर्द को दूर करने में मदद करता है, जिससे सामान्य डिलीवरी के बाद रिकवरी जल्द ही जाती है।
- डॉ. सुमन पंवार, प्रमुख अधीक्षक, महिला जिला अस्पताल
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ज्यादा जरूरी होने पर ही ऑपरेशन करने को दी जाती प्राथमिकता
निजी अस्पतालों में भी बहुत जरूरी होने पर ही सिजेरियन (ऑपरेशन) डिलीवरी कराई जाती है। वैसे सामान्य प्रसव बेहतर होता है, लेकिन कई बार बच्चों और महिलाओं को बचाने के लिए ऑपरेशन जरूरी हो जाता है।
- डॉ. अनुपम सिरोही, सचिव, आईएमए मेरठ शाखा