अलकरीम होटल के ध्वस्तीकरण की सूचना पर बुधवार को दिन निकलने से पहले ही महिलाओं ने होटल की छत पर डेरा डाल लिया। वहीं, होटल मालिक और व्यापारी नेता अपने समर्थकों के साथ होटल के सामने सड़क पर घेरा बनाकर जमे रहे। होटल मालिक ने दावा किया कि अगर टीम कार्रवाई करने पहुंचती तो वह आत्मदाह कर लेता। हालांकि देर शाम तक सरकारी अमले के न पहुंचने के बाद ही होटल से महिलाएं और व्यापारी हटे। उधर, आज बृहस्पतिवार को निगम, एमडीए और जिला प्रशासन को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना है। ऐसे में माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल हाईकोर्ट में शिकायत की गई थी कि घंटाघर स्थित नगर निगम की चार दुकानों का स्वरूप बदलकर अलकरीम होटल संचालित किया जा रहा है। जिस पर हाईकोर्ट होटल के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दे चुका है। आदेश की अवमानना पर न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए डीएम, एमडीए वीसी, नगरायुक्त को दो फरवरी को तलब किया हुआ है। मंगलवार को सरकारी मशीनरी ध्वस्तीकरण करने पहुंची थी। लेकिन करीब नौ घंटे के अभियान में निगम की दुकानों की छत के ऊपर से होटल मालिक के मजदूरों ने ही अवैध निर्माण हटाया था। नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने बुधवार को पूरा अवैध निर्माण ध्वस्त करने की बात कही थी।