सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्टर परेशान
हिंसा से ट्रांसपोर्ट कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि दूसरे राज्यों से इलेक्ट्रानिक्स, कंप्यूटर, स्पोर्ट्स, कपड़ा सहित कई तरह का माल दिल्ली पहुंचता है। वहां से मेरठ और आसपास जिलों में सप्लाई किया जाता है।
हिंसा के बाद ट्रकों को बार्डर पर रोक देना पड़ा है। करीब 200 ट्रक रोज माल लेकर मेरठ पहुंचते हैं, जो तीन दिन से नहीं आ रहे है। जीएसटी का नुकसान तक कारोबारियों को झेलना पड़ रहा है। करीब 40 लाख प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है।
रोडवेज की आय भी घटकर हुई आधी
दिल्ली में हुई हिंसा की वजह से रोडवेज को रोज पांच लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। दिल्ली जाने वाले यात्री सफर से किनारा कर रहे हैं। मेरठ रोडवेज रीजन के मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर और बड़ौत डिपो की करीब 100 बसें रोज दिल्ली के लिए चलती हैं। इन बसों से विभाग को रोजाना करीब 10 लाख रुपये की आय होती है।
दिल्ली में हिंसा के बाद से यात्रियों ने सफर से किनारा कर लिया है। बुधवार को मेरठ डिपो की दिल्ली जाने वाली बसों का लोड फैक्टर घटकर आधा रह गया। भैसाली बस अड्डा वीरान पड़ा रहा। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि दिल्ली जाने वाली बसों से रोज करीब दस लाख की आय होती है। अब आधी रह गई है।