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कारोबार: मेरठ से इंग्लैंड, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक सप्लाई हो रहीं मूर्तियां, कौन बना रहा जानकर चौंक जाएंगे

Thu, 22 Aug 2024 08:11 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ में हिंदू कारीगरों के साथ ही मुस्लिम कारीगर भी देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने के काम में जुटे हैं। ये मूर्तियां विदेशों तक सप्लाई की जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ की मूर्तियों की विश्व भर में मांग है। शहर में पॉली रेजिन की मूर्ति निर्माता बीते तीन साल में इंग्लैंड, थाईलैंड, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया के साथ देश भर में लड्डू गोपाल और अन्य देवी देवताओं की मूर्ति सप्लाई कर रहे हैं। विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोग विभिन्न पर्वों पर यहां की मूर्ति खरीदकर पूजा अर्चना करते हैं। मेरठ के 70 से अधिक मुसलमान कारीगार इस काम में लगे हैं। 
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मेरठ में 250 फैक्टरी में पॉली रेजिन की मूर्ति बनाई जाती हैं। इस उद्योग में रजिस्टर्ड फर्म की संख्या 18 है। इस सीजन में एक जुलाई से 22 अगस्त के बीच 5 करोड़ का राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कारोबार हुआ है। मेरठ के व्यापारियों ने इंग्लैंड और थाईलैंड में बीते एक माह में लगभग दो करोड़ का निर्यात किया है। विदेश में हाल में सर्वाधिक मांग लड्डू गोपाल और श्री राधाकृष्ण की पॉली रेजिन की मूर्ति की रही है। मयूर एंटरप्राइजेज के संचालक अमित गर्ग मूर्ति ने बताया कि तांबे और पीतल से ज्यादा आजकल लोग पॉली रेजिन की मूर्ति खरीदते हैं। यह बिल्कुल सफेद मार्बल की तरह ही लगती हैं। इसके अलावा श्री राधाकृष्ण की भी सफेद मूर्तियां पसंद की जा रही हैं।
 

14 साल से बाजार में छाई पॉली रेजिन की मूर्ति
मूर्ति निर्माण करने वाले मनोज जैन और अमित गर्ग ने बताया कि वर्ष 2010 से सर्वप्रथम पॉली रेजिन की मूर्ति का कारोबार शुरू किया था। वे अब देश भर में सप्लाई कर रहे हैं। सूर्या पैलेस में मूर्ति निर्माता हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि जन्माष्टमी से गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा से दीपावली तक मूर्तियों की सर्वाधिक डिमांड रहती है।
 
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70 से अधिक मुस्लिम कारीगर 
शहर में मलियाना, जाकिर कॉलोनी, लिसाड़ी रोड आदि क्षेत्र में 70 से अधिक मुस्लिम कारीगर मूर्ति निर्माण कार्य में लगे हैं। अमित गर्ग ने बताया कि यह कारीगर त्योहारों से पूर्व मूर्ति तैयार करते हैं। मेरठ के आसपास और दिल्ली में मूर्ति की सप्लाई की जाती है।
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