परिवहन निगम ने बस विहीन रूटों पर बसें चलाने के निर्णय लिया है। इसके लिए परिवहन मंत्री ने जहां 2 हजार बस खरीदने का एलान किया है वहीं अनुबंधित बसों के लिए निवेशकों को भी आमंत्रित किया है। परिवहन निगम के एमडी के निर्देश पर प्रदेश के सभी आरएम अनुबंधित बस ऑपरेटरों और निवेशकों के साथ बैठक करने जा रहे हैं।
सीएम अखिलेश यादव ने सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही ‘अपनी बस चलो गांव की ओर’ योजना के तहत बस विहीन रूटों पर सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। लेकिन सरकार के करीब साढ़े चार साल बीतने के बाद भी घोषणा परवान नहीं चढ़ सकी। मेरठ जनपद में करीब दो दर्जन रूट बस विहीन हैं। अगर इन रूटों पर बस चला दी जाए तो करीब पांच दर्जन से अधिक गांवों की परिवहन समस्या खत्म हो सकती है। मामले की गंभीरता और चुनाव नजदीक आता देख सरकार जागती दिख रही है। पिछले दिनों ही परिवहन मंत्री यासर शाह ने बस विहीन रूटों पर सामान्य के साथ ही प्रीमियम बसें चलाने की घोषणा की थी। लंबे रूटों के साथ ही सामान्य रूटों पर भी एसी प्रीमियम बसें चलाने की नीति तैयार की गई है। इसके लिए परिवहन निगम को जहां 2 हजार नई बसे खरीदकर दी जानी हैं वही बसों की कमी को पूरा करने के लिए अनुबंधित बस नीति को तरजीह देने का निर्णय लिया गया है।
11 जुलाई को होगी इंवेस्टर मीट
मेरठ रोडवेज रीजन के आरएम मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि रीजन ने 11 जुलाई को अनुबंधित बस इंवेस्टर मीट बुलाई है। इसके लिए सभी ऑपरेटरों को सूचित कर दिया है और नए निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण नोटिस जारी किया गया है। नई अनुबंधित बस नीति में इंवेस्टर सामान्य और प्रीमियम दोनों तरह की बस लगा सकते हैं। जो इंवेस्टर पांच बस लगाएगा वह बस संचालन के लिए मनमाफिक रूट का चुनाव कर सकता है। नीति मेें अब अनुबंधित बसों के लिए रूट विशेष की बाध्यता नहीं रहेगी।
लोगों को मिलेगी राहत, डग्गामार पर आएगी आफत
बस विहीन रूटों पर बस चलने से जहां लोगों को राहत मिलेगी वहीं डग्गामार बसों पर आफत आएगी। रूटों पर बसों की संख्या बढ़ने और सामान्य से कुछ अधिक किराये में एसी बस के सफर का आनंद यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन सेवा की और मोड़ने में मदद करेगा।