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दरिंदों से बेदर्द निकली खाकी: बस ड्राइवर-कंडक्टर ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने मरने के लिए छोड़ दी पीड़िता

Mon, 28 Sep 2020 12:48 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • - तीन थानों के सीओ अस्पताल पहुंचे, रिपोर्ट दर्ज करने पर फिर भी नहीं हो सका फैसला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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मेरठ में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। दरिंदों ने महिला की आबरू लूटकर उसे दिल्ली रोड पर सड़क किनारे फेंका था, लेकिन पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई और पीड़िता को जिला अस्पताल में लावारिस हालत में छोड़कर चली गई। इससे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
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दिल्ली रोड स्थित मेवला फ्लाईओवर के पास करीब दो घंटे तक महिला सड़क किनारे पड़ी रही। सवेरा होने पर लोगों से पुलिस को पता चला। पीड़िता को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बाद में मामला सीमा विवाद में उलझ गया।

पीड़िता बार-बार कह रही थी कि दरिंदे उसे रोडवेज अड्डे से लाए थे। नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। रोडवेज अड्डा सदर बाजार थाना क्षेत्र में आता है। यही वजह रही कि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस पीड़िता को अस्पताल में छोड़कर चली गई।
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उधर, सदर बाजार पुलिस भी दोपहर को अस्पताल पहुंची। सीमा विवाद में सदर बाजार, ब्रह्मपुरी और देहली गेट थाना पुलिस उलझ गई। पुलिस ने तर्क दिया कि महिला खुद अस्पताल से गायब हो गई थी। करीब एक घंटा महिला ने जिला अस्पताल में महिला सिपाही समेत पुलिस कर्मियों को परेशान किया था। पुलिस महिला को छोड़कर नहीं गई थी।

बस ड्राइवर-कंडक्टर ने किया दुष्कर्म
पति ने बताया कि उसकी पत्नी शुक्रवार दोपहर तीन बजे घर से निकली थी। महिला ने बताया उसे प्रयागराज जाना था। भैसाली बस अड्डे पहुंचकर वह लाल रंग की बस में बैठी थी। आरोप है कि कंडक्टर ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया। उसके बाद ड्राइवर व कंडक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह बेहोश हो गई।

मोबाइल की सीडीआर से खुली पोल
पुलिस का दावा है कि शुक्रवार शाम पांच बजे महिला भैसाली अड्डे पहुंची। छह बजे महिला के फोन की लोकेशन मेवला फ्लाईओवर के पास थी। रात करीब नौ बजे तक महिला की लोकेशन देवलोक कॉलोनी में थी। महिला की मोबाइल पर करीब 12 लोगों से बातचीत हुई। महिला के पति ने करीब 20 कॉल की, जो रिसीव नहीं हुई। रात नौ बजे के बाद महिला का मोबाइल बंद हो गया। 

22 सेकंड की कॉल से खुलासा
थाना ब्रह्मपुरी के इंस्पेक्टर सुभाष अत्री ने 12 लोगों को चिह्नित कर पूछताछ के लिए थाने बुलाया। जिसमें 22 सेकंड फोन पर बात करने वाले बसा टीकरी निवासी बर्खास्त फौजी सुनील चौधरी को पुलिस ने पकड़ लिया। उसे महिला ने खुद फोन करके बुलाया था।

बर्खास्त फौजी सुनील की अनुबंधित बस किराए पर चलती है। एक साल पहले महिला से उसकी मुलाकात हुई थी। सुनील और उसका दोस्त भोजपुर गाजियाबाद निवासी अरविंद महिला को देवलोक कॉलोनी में ले गए, जहां शराब पीने के बाद वारदात की।

तीन शादी कर चुकी महिला
एसपी क्राइम रामअर्ज ने बताया कि महिला तीन शादी कर चुकी है। वह दो पति छोड़ चुकी है। तीसरे पति के साथ सरूरपुर के एक गांव में रहती है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे पति को बिना बताए मायके जाने की बात पड़ोसी से कहकर घर से निकली थी। 
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डीजल चोरी में बर्खास्त हुआ था
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि आरोपी सुनील सेना में तैनाती के दौरान डीजल चोरी करता था। उसे सेना के ट्रक से चोरी करते हुए अधिकारियों ने पकड़ लिया था। उसका कोर्ट मार्शल हुआ और फिर उसे सेना से बर्खास्त कर दिया गया।

लखनऊ तक गूंज, रात में खुला केस
महिला से गैंगरेप का मामला लखनऊ तक पहुंच गया था। दिनभर पुलिस में खलबली मची रही। तीन सीओ और तीन थानेदार जांच पड़ताल करने में जुटे गए। रात में पुलिस ने बर्खास्त फौजी संजीव को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया। 
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