वहीं, घर के बाहर बैठे अब्दुल्ला के दादा हाजी साजिद ने शोर मचाया तो मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। परिजन घायल छात्र को लेकर शामली सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह भी मौके पर पहुंचे। बाद में परिजनों ने कानूनी कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद बालक का शव उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
तीन बहनों का इकलौता भाई था अब्दुल्ला
हाजी साजिद के चार बेटों में से सबसे छोटे बेटे की शादी की एक साल पूर्व हुई, उसके कोई संतान नहीं है। दो बेटों के पास एक-एक बेटी है, जबकि चौथे बेटे साबिर के पास एक बेटी तथा एक बेटा अब्दुल्ला था। परिवार में तीन बहनों का इकलौता भाई था मासूम अब्दुल्ला। अब्दुल्ला की मौत पर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों का रुदन देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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