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Meerut News: दबंगई का खेल... हर मोड़ पर ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के अवैध स्टैंड, खुलेआम वसूली

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बेगमपुल मेट्रो स्टेशन के पास अवैध रूप से स्टैंड बनाकर खड़े ई-रिक्शा व टैँपू। ............. संवा
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शहर की सड़कों पर खुलेआम दबंगई हैरान कर देने वाली है। मुख्य मार्गों के चौराहे, तिराहे से लेकर मोड़ पर ई-रिक्शा और आटो रिक्शा के अवैध स्टैंड बनाकर मसमाना वलूली की जा रही है। वाहनों को मार्गों पर खड़ा कर नंबर से सवारी भरने के बाद उन्हें रवाना किया जाता है। इससे शहर में जाम लग रहा है और जनता परेशान हो रही है।
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मेट्रो चलने के बाद दिल्ली रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आई है। इसके बावजूद इन वाहनों की संख्या मार्गों पर लगातार बढ़ती जा रही है। चालक अपना खर्च पूरा करने के लिए चक्कर कम करने और सवारी अधिक बैठाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए शहर के मुख्य मार्गों पर दबंग अवैध ऑटो व ई-रिक्शा स्टैंड चला रहे हैं। हापुड़ अड्डे के पास हापुड़ रोड, लिसाड़ी रोड, बेगमपुल से दिल्ली रोड, परतापुर से दिल्ली रोड की शुरुआत में इस तरह के अवैध स्टैंड देखे जा सकते हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, सोतीगंज चौराहा, गोलाकुआं पर भी दबंगई का यही हाल है। शहर के मुख्य मार्गों के हर मोड़ पर ई-रिक्शा खड़े कराए जा रहे हैं। चौड़ी सड़कों के किनारे इक्का-दुक्का ई-रिक्शा या ऑटो खड़े हों तो यह सामान्य बात है, लेकिन यहां पर बड़ी संख्या में खड़े होने वाले वाहन पूरे मार्ग को बाधित कर दे रहे हैं। इससे यहां से वाहन चालकों व राहगीरों का निकलना मुश्किल हो जा रहा है।



10 की जगह पर 30 से 50 रुपये तक किराया
कुछ मुख्य मार्गों पर दबंगों के अवैध स्टैंडों पर 10 रुपये के स्थान पर 30 से 50 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं। खास बात यह है कि मार्ग से गुजरने वाले अन्य ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा को ये आसपास रुकने नहीं देते। कई बार तो सिटी बस को भी यहां रुकने नहीं दिया जाता। यात्रियों को या तो 100 से दो सौ मीटर दूरी तय कर ई-रिक्शा तलाशना पड़ता है या फिर अतिरिक्त किराया देना पड़ता है।
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तय रूट का भी नहीं हो रहा पालन



लगभग दो साल पहले शहर को चार रूटों में बांटकर ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा पर स्टीकर लगाए गए थे। लगभग एक साल वाहन चालकों ने रूट प्रक्रिया का पालन किया। इसके बाद ये वाहन चालक और इस प्रक्रिया का भी उल्लंघन करने लगे हैं। वहीं, दो साल के अंतराल में बड़ी संख्या में नए वाहन शहर की सड़कों पर आए हैं। इन्होंने स्टीकर भी नहीं लगाए।

कोट

योजना बनाकर जाम से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जाम और अतिक्रमण से मुक्ति के लिए व्यापारियों के साथ वार्ता की गई है। अवैध स्टैंड चलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। अगर फिर भी वह नियमों का उल्लंघन करेंगे तो सख्ती से निबटा जाएगा।
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राजेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक यातायात
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