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Meerut: भैंसा बिदकने से पलटी बुग्गी, किसान ने कूदकर बचाई जान, रजवाहे में डूबा पशु

Mon, 25 May 2026 11:26 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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- फोटो : Adobe Stock Image
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मेरठ-बड़ौत मार्ग पर रविवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में भैंसा बुग्गी रजवाहे में पलट गई। हादसे के समय बुग्गी में सवार किसान और उसके दो साथियों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली, लेकिन भैंसा पानी में फंस गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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अचानक बिदका भैंसा, अनियंत्रित हुई बुग्गी
जानकारी के अनुसार रोहटा निवासी दीपक पुत्र मांगेराम अपने साथियों के साथ पूठ खास गांव से भैंसा बुग्गी में सवार होकर वापस घर लौट रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाफर रजवाहे के निकट पहुंचते ही किसी वाहन के तेज हॉर्न और आसपास की हलचल से भैंसा बिदक गया। भैंसा अचानक तेज गति से भागने लगा। चालक ने उसे नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन बुग्गी पर नियंत्रण नहीं रह सका और वह सड़क किनारे बने रजवाहे की ओर मुड़ गई।

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जान बचाने के लिए रजवाहे में कूदे किसान और साथी
कुछ ही क्षणों में बुग्गी रजवाहे में पलट गई। स्थिति को भांपते हुए दीपक और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत बुग्गी से छलांग लगा दी और अपनी जान बचा ली। हालांकि, पानी अधिक होने और बुग्गी के पलट जाने के कारण भैंसा बाहर नहीं निकल सका। काफी देर तक संघर्ष करने के बाद वह पानी में डूब गया।

ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद निकाला बाहर
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बड़ी संख्या में लोग राहत कार्य में जुट गए। रस्सियों और ट्रैक्टर की मदद से काफी प्रयास के बाद बुग्गी और भैंसे को रजवाहे से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक भैंसे की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
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किसान को हुआ भारी आर्थिक नुकसान
भैंसे की मौत से किसान दीपक को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर यातायात सुचारु कराया गया।

परिवार में पसरा मातम
भैंसे की मौत के बाद किसान परिवार में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी और परिवहन कार्य में उपयोग होने वाला पशु किसान की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन होता है। ऐसे में इस नुकसान ने परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया है।
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