दरअसल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने आवासीय भवन 661/6 में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने के मामले में 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। आदेश का पालन न होने पर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना द्वारा अवमानना याचिका दायर की गई जिस पर कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया।
पिछले साल छह अक्तूबर की सुनवाई के बाद 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए कि 6 सप्ताह के भीतर अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसी दबाव के चलते आवास विकास ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में परिषद के 45 अधिकारियों और 21 व्यापारियों के खिलाफ थाना नौचंदी में एफआईआर भी दर्ज है।
निर्माण जद में पहले चरण में 31 पर कार्रवाई
आवास विकास के रिकॉर्ड के अनुसार कुल 1468 निर्माण ऐसे हैं जो मूल रूप से आवासीय मानचित्र पर स्वीकृत थे लेकिन वहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें तन गई हैं। कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने की मियाद खत्म हो रही है जिसके चलते अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने त्वरित कार्रवाई का खाका खींचा है। उन्होंने लखनऊ की कंपनी को दो हैमर हिल्टी युक्त जेसीबी और दो पोर्कलेन मशीनें लाने को कहा गया है। पहले चरण में उन 31 संपत्तियों को निशाना बनाया जाएगा जो नियमों का उल्लंघन कर खड़ी हैं।
दुकानें बंद
कार्रवाई के डर से व्यापारियों ने बाजार में 100 से अधिक दुकानों को आनन-फानन में दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां लगाकर बंद कर दिया है। व्यापारियों में भारी बेचैनी है क्योंकि अगले सप्ताह ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और परिषद उससे पहले क्लीन चिट के लिए मौके पर ध्वस्तीकरण की पुख्ता रिपोर्ट तैयार करना चाहता है।
90 दुकानों पर संकट, 1000 लोगों का छिन जाएगा रोजगार
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के भूखंड संख्या 661/6 के ध्वस्तीकरण के बाद अब प्रशासन का शिकंजा और कस गया है। इलाके के 31 भूखंडों में बनी 90 दुकानों पर मंगलवार को बुलडोजर चलेगा। इस कार्रवाई की सुगबुगाहट ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है क्योंकि इस कार्रवाई से करीब 800 से 1000 लोगों का रोजगार सीधे तौर पर छिन जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले साल 25 और 26 अक्तूबर को हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में 22 दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन गई थी। मुश्किलों से जूझते हुए उन दुकानदारों ने अभी अपनी गाड़ी पटरी पर लौटानी शुरू ही की थी कि अब 90 और दुकानों को मंगलवार को ध्वस्त करने की तैयारी है। इन दुकानदारों को आवास एवं विकास परिषद दुकानें खाली करने के लिए अंतिम नोटिस भेज चुका है। व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ राहत की उम्मीद जगाई गई और दूसरी तरफ ध्वस्तीकरण की तैयारी कर ली गई।
व्यापारी नेता सतीश गर्ग ने बताया कि वास्तुविद नियोजक की ओर से नई शमन नीति के तहत पत्र मिल चुके हैं। व्यापारियों ने तो इस उम्मीद में होली भी मनाई और सरकार का आभार भी जताया था। ऐसे में अब अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई समझ से परे है। जितेंद्र अग्रवाल अट्टू ने दो टूक कहा कि व्यापारी हितों की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।