- 14 सभासदों ने नाम परिवर्तन का किया विरोध, सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू या बूढ़ा बाबा नाम को लेकर जारी विवाद के बीच 14 वार्डों के सभासदों ने चेयरपर्सन और अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सभासदों ने मांग की कि मेले का नाम पूर्ववत बूढ़ा बाबू ही रखा जाए और इसकी पुरानी पहचान व परंपरा को बनाए रखा जाए।
ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू के नाम को लेकर नगर पालिका में चल रहा विवाद अभी जारी है। मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में मेले का नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर सभासदों के बीच जमकर हंगामा हुआ। इसके चलते बैठक को स्थगित करना पड़ा। इस विवाद के बाद अब भी मेले के नाम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
बोर्ड बैठक में सभासद नेहा टाली ने मेले का नाम बूढ़ा बाबू से बदलकर बूढ़ा बाबा करने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव का अन्य सभासदों ने कड़ा विरोध किया था। इसके बाद बैठक में तीखी नोकझोंक और हंगामा शुरू हो गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख चेयरपर्सन व ईओ दीपिका शुक्ला ने बैठक को स्थगित कर दिया था। बैठक के बाद बुधवार को नगर पालिका के 14 वार्डों के सभासदों ने चेयरपर्सन और ईओ को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि मेले का नाम पूर्ववत बूढ़ा बाबू ही रखा जाए। सभासदों ने कहा कि यह मेला क्षेत्र की पुरानी पहचान और परंपरा से जुड़ा हुआ है, जिसे बदलना उचित नहीं होगा। इस मौके पर सभासद फरमान अंसारी, हाजी मन्नान, इमरान ठाकुर, तारिक हसन, समीना, दानिश्ता, मुकेश कुमार, खालिद अंसारी, शाहिद मलिक, सलीम कुरैशी, शहजाद सितारा, शगुफ्ता अंसारी, कविता, डॉ. राहत परवीन आदि मौजूद रहे।
नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला का कहना है कि जब तक मेले के नाम को लेकर सभासदों के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक अगली बोर्ड बैठक नहीं बुलाई जाएगी। इससे मेले की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। उधर इस मुद्दे को लेकर नगर में चर्चा तेज है और सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है।