सरधना। नगर में प्रतिवर्ष लगने वाला ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू के नाम को लेकर विवाद हो गया। मोहल्ला बूढ़ा बाबू में स्थित ब्रह्मा के मंदिर में हवन से पहले विरोध कर दिया। संगीत सिंह सोम सेना भारत के कार्यकर्ताओं ने मंदिर में पालिका अधिकारियों के प्रवेश पर लोक लगा दी। मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन, एसडीएम और एसपी देहात की वार्ता को भी ठुकरा दिया। प्रशासनिक अधिकारी नाराजगी जताते हुए मौके से लौट गए। विवाद के कारण ऐतिहासिक मेले की वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई। मेले की शुरुआत से पहले ब्रह्मा के मंदिर में एसडीएम व पालिका ईओ की उपस्थिति में पूजा-अर्चना होती थी। इस बार, प्रशासनिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी में पूजा हुई।
शुक्रवार सुबह संगीत सिंह सोम सेना भारत के प्रदेश अध्यक्ष सचिन खटीक ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मंदिर के गेट पर ताला लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते एडीएम-ई व एसपी देहात समेत अन्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन विरोध के चलते अधिकारियों को बिना पूजा के ही लौटना पड़ा। मेले के शुभारंभ पर विधिविधान से पूजा-अर्चना की व्यवस्था के लिए पालिका ईओ भी पहुंची, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने मंदिर के गेट पर अंदर से ताला लगा दिया। पुलिस की मौजूदगी में हंगामा चलता रहा। इस दौरान सपा कार्यकर्ता की ताला लगाने को लेकर नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रही।
एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह व एसपी देहात राकेश मिश्रा ने मंदिर में पहुंचकर जांच के बाद नाम परिवर्तन का आश्वासन दिया। वहां मौजूद लोगों ने अधिकारियों से कहा कि मेले का नाम बूढ़ा बाबू रखकर सनातन धर्म की संस्कृति का अपमान किया जा रहा है। जबकि वास्तविक नाम मेला बूढ़ा बाबा है। आरोप है कि चेयरमैन ने बूढ़ा बाबा सनातन की पहचान नष्ट करने व संस्कृति को मिटाने की साजिश के तहत मेला बूढ़ा बाबा का नाम बूढ़ा बाबू कर दिया, जो गलत है। इसे बदलने के लिए कई बार पालिका में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन मेले का नाम नहीं बदला गया।
संगीत सिंह सोम सेना के कार्यकर्ता विक्की सैनी, मोहित ठाकुर, तुषार, प्रदीप कुमार, अजय आदि मंदिर में मेले के उद्घाटन का विरोध करते रहे। ईओ ने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इससे पहले सपा नेता ललित गुर्जर ने मंदिर में ताला लगाने वाले लोगों का जमकर विरोध किया। उन्होंने संविधान के तरीके से मेले का नाम बदलवाने के लिए कहा, लेकिन विरोध करने वाले नहीं माने। इसके बाद मौके पर तीनों अधिकारी पहुंचे और विरोध कर रहे लोगों से शांति की अपील की। साथ ही पालिका अभिलेखों के आधार पर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारी बिना वार्ता व बिना पूजा किए ही लौट गए।
विधायक ने किया मेले का उद्घाटन
ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू का उद्घाटन सपा के क्षेत्रीय विधायक अतुल प्रधान ने शहीद द्वार पर फीता काटकर किया। हालांकि नाराज होकर लौटे अधिकारियों के बाद विधायक भी मंदिर में पूजा में शामिल नहीं हुए। मुख्य अतिथियों के नाम कार्ड में छपने के बाद नहीं आने से नाराज दिखे। विधायक ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए सफाई नायक सोहनवीर सिंह से रामलीला ग्राउंड में कार्यक्रम स्थल का फीता कटवाया। सरधना विधायक ने कहा कि निमंत्रण पत्र पर डीएम और एसएसपी के नाम तो छप जाते हैं, लेकिन वह कभी नहीं आते हैं। इससे स्पष्ट है कि जिले के अधिकारियों को सरधना की जनता से लगाव नहीं है।
यह रहे मौजूद
सूर्य देव त्यागी, विनोद जैन, निजाम अंसारी, आलोक जैन, शाहिद मलिक, शानू जैन, पंकज जैन, विरेंद्र चौधरी, ललित गुप्ता, राहुल, पंकज टाली, ऋषभ जैन, उमा त्यागी, पिंकी सोम, शाहवेज अंसारी मौजूद रहे।
सरधना। बूढ़ा बाबा के मंदिर में वार्ता के लिए पहुंचे एडीएम प्रशासन, एसडीएम और एसपी देहात। संवाद