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Budget 2020: जीएसटी, आयकर के स्लैब में आए कमी, आम बजट पर मेरठवासियों ने जताई उम्मीदें

Sat, 01 Feb 2020 11:21 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Union Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : LokSabha
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से शहरवासियों को उम्मीदें हैं कि वो इस बार शहरों से अधिक ध्यान गांवों पर देंगी। डूबती अर्थव्यवस्था से अगर देश को बचाना है तो हमें गांवों की ओर लौटना होगा। गांवो ंमें कॉटेज इंडस्ट्री की शुरूआत की जाए। बजट में गांवों के विकास के लिए विशेष पैकेज तैयार किया जाए ताकि गांवों से रोजगार बढ़े और मांग बढ़े। जब मांग बढ़ेगी तो उत्पादन बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी।

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बजट से अर्थव्यवस्था कैसे सुधारी जा सकती है इस विषय पर शहर के प्रमुख लोगों ने अपने विचार रखे। शुक्रवार को अमर उजाला के मोहकमपुर स्थित कार्यालय में बजट पर नागरिकों से संवाद का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न वर्ग के लोगों ने बजट से उम्मीदों पर अपना विचार रखा। 

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाएं एक्सपेंडीचर
बजट में सरकार को मांग बढ़ाना होगा, ग्रामीण सेक्टर में एक्सपेंडीचर बढ़ाना होगा। अर्थशास्त्र के स्लोडाउन को बढ़ाने के लिए मांग को बढ़ाने पर काम करना होगा। सरकारी एक्सपेंडीचर, एक्सपोर्ट्स और प्राइवेट इंवेस्टमेंट को बढ़ाने से इकनोमिक ग्रोथ बढे़गी। खपत को बढ़ाने के लिए ऐसी जगह पर सरकारी व्यय बढ़ाने होंगे जहां से मांग आए।
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इसमें एग्रीकल्चर सेक्टर, ग्रामीण क्षेत्र में व्यय अहम होगा। कनेक्टिंग सड़कों पर काम किया जाए, इससे रोजगार बढ़ेगा और मांग बढ़ेगी और कॉरपोरेट को भी लाभ मिलेगा। प्राइवेट इंवेस्टमेंट बढ़ेगा। प्रो. अतिवीर सिंह, प्रो. अर्थशास्त्र सीसीएसयू 
 

गांवों के साथ दूरियां घटाएं
वित्तमंत्री का लक्ष्य बहुत कठिन है। इकोनॉमी ठहरी हुई है। पेपर वर्क बहुत बढ़ गया है जो छोटे कारोबारियों के लिए उचित नहीं है। सरकार योजनाएं बनाती हैं लेकिन उनका पालन इस तरह नहीं होता कि उसका लाभ उद्यमियों को मिले। ईज ऑफ डूइंग पर भी संतुष्टिजनक काम नहीं हो रहा। एमएसएमई सेक्टर इसलिए खुश नहीं है। योजनाओं का पालन ठीक से हो और सरकार निवेश पर काम करे। अनुराग अग्रवाल, अध्यक्ष आईआईए मेरठ चैप्टर


स्टार्टअप को बढ़ावा देना जरूरी
बजट में सरकार का ध्येय डूबती अर्थव्यवस्था को सही ट्रैक पर लाने का है तो सरकार को कोई र्नई घोषणा करने की जरूरत नहीं है। पुरानी योजनाओं व घोषणाओं को सही तरीके से लागू कर पालन कराया जाए। जीएसटी की दरों में आए दिन होने वाले बदलावों को खत्म किया जाए। जीएसटी का सरलीकरण हो। स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाए ताकि रोजगार बढ़े। रोजगार बढ़ेगा तो मांग, खपत भी बढ़ेगी। लोगों के हाथ में रोजगार होगा तो पैसा होगा तो लोग उसे खर्च भी कर पाएंगे। अंकित सिंघल, सचिव आईआईए मेरठ

इलेक्ट्रानिक इंडस्ट्री पर हो काम
सरकार बजट में निर्यातकों को विशेष इंसेटिव देने की योजना बनाए साथ ही आयकर की दरों में कटौती करे। इसके साथ ही कॉटेज इंडस्ट्री पर काम किया जाए। भारत सरकार की अपनी कोई इलेक्ट्रानिक इंडस्ट्री नहीं है। पूरी तरह से विदेशों पर निर्भर हैं, तो इस निर्भरता को खत्म करने के लिए अपनी इलेक्ट्रानिक इंडस्ट्री की शुरूआत की जाए। इससे बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और विदेशी निर्भरता घटेगी। मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था सुधरेगी। -विभोर अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन

जीएसटी में हों बस दो स्लैब
जीएसटी के कारण सरकार ने विभिन्न प्रकार के करों का दवाब तो कम कर दिया, लेकिन जीएसटी की प्रक्रिया में सरलीकरण नहीं है। इसकी वजह से उद्यमी परेशान रहते हैं और अधिक समय इसी तनाव में चला जाता है। बजट में सरकार कुछ ऐसा करें कि जीएसटी में सरलीकरण हो। साथ ही जीएसटी की तमाम दरों को हटकार केवल दो स्लैब 5 और 12 प्रतिशत को तय किया जाए। साथ ही 80 सी का दायरा बढ़ाया जाए। -अनिल पुंडीर, अध्यक्ष ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एरिया

खेती को मेन्यूफेक्चर सेक्टर से जोड़ें
सरकार को एग्रीकल्चर को मेन्यूफेक्चर सेक्टर से जोड़ना चाहिए। बजट में सरकार को इस दिशा में सोचना चाहिए कि गांवों को शहरों से जोड़ें। गांवों की ओर सरकार को रुख करना होगा तभी अर्थव्यवस्था सुधरेगी। क्योंकि भारत कॉटेज इंडस्ट्री का देश है। लेकिन मंदी के कारण अब कॉटेज इंडस्ट्री बंद हो रही हैं। साथ ही सरकार को स्टोरेज सिस्टम सुधारने होंगे ताकि अनाज खराब न हों और मंदी के वक्त काम आएं। -अनुराग गोयल, एसबीआई से सेवानिवृत्त  

आयकर में वृद्धजनों को मिले राहत
बजट में सरकार को वृद्धजनों के लिए विशेष पैकेज की सुविधा देनी चाहिए। गांवों, उद्योगों, शिक्षा के अलावा वृद्धजनों की सहायता भी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए सरकार वरिष्टजनों को आयकर में विशेष छूट दे। ग्रासरूट लेवल पर काम करने के लिए किसानों को विशेष बाजार व पैकेज सुविधा दी जाए। ताकि गांवों से हमारी इकनोमी समृद्ध होगी। -अशोक अग्रवाल, पीएनबी से सेवानिवृत्त 

समय पर पूरे हों विकास के प्रोजेक्ट
बजट में वित्तमंत्री को प्रमुख तौर से लंबित प्रोजेक्ट को समय से पूरा करने की बात पर विचार करना चाहिए। देश में विकास के  प्रोजेक्ट बनते हैं, विकास कार्य शुरू होते हैं लेकिन वो कभी भी समय पर पूरे नहीं होते। प्रोजेक्ट लंबित होने के कारण उनकी लागत बढ़ती रहती है इसलिए जो भी विकास के प्रोजेक्ट हो वो समय पर पूरे हो जाएं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ट्रांसपोर्टेशन की अच्छी सुविधा जोड़ी जाए। कॉरपोरेट टैक्स में 5 प्रतिशत की ही कमी की जाए। जीएसटी की दरों को भी 15 प्रतिशत तक सीमित कर देना चाहिए। -एपीएस त्यागी, पीएनबी से सेवानिवृत्त 

 दान की भावना पर हो अंकुश 
बजट में एक फंड या मॉनिटरिंग समिति ऐसी बनाई जाए जो नेताओं क ी विदेश यात्राओं पर अंकुश लगाए। नेता विदेश जाते हैं और वहां जाकर अपने ही देश की एक बड़ी पूंजी दान में दे आते हैं उसके कारण ही देश की अर्थव्यवस्था आज डूब की स्थिति में है। दान की भावना से उबरना होगा तभी हम अपनी अर्थव्यवस्था को दुरुस्त कर पाएंगे। साथ ही सरकार को ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना होगा। 30 लाख तक की आय पर भी आयकर की दर 20 प्रतिशत से अधिक न रखी जाए। -एनके गर्ग, सेवानिवृत्त अधिकारी

बचत संसाधनों पर करना होगा विचार
सरकार को बजट में सबसे पहला काम बचत संसाधनों पर करना होगा। इसके लिए शुरूआत स्कूली बच्चों से करनी होगी। स्कूलों में ही छात्रों को विभिन्न महापुरुषों की जानकारी देकर बचत क े लाभ बताने होंगे। नौकरी के बजाय स्टार्टअप पर काम करना जरूरी होगा। इसलिए सरकार बजट में युवाओं और स्कूली शिक्षा के लिए ऐसे प्रावधान करे जिससे उद्यम और उद्यमिता को बढ़ावा मिले। -विवेक विश्नोई, शिक्षक केके इंटर कॉलेज
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टैक्स डिडक्शन का दायरा बढ़ाया जाए
सरकार को बजट में टैक्स डिडक्शन का दायरा बढ़ाना होगा। साथ ही जीएसटी की दरों को केवल 5,12,15 प्रतिशत पर तय कर देना चाहिए। साथ ही बजट में शिक्षा, चिकित्सा के लिए विशेष प्रावधान किया जाए। ताकि हमारे युवा अच्छा पढ़ें और स्वयं रोजगार जनरेट करें। सस्ती शिक्षा देने के लिए सरकार को प्रावधान करना चाहिए। गामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाया जाए साथ ही शिक्षा को निशुल्क कर दिया जाए। 
मनोज कुमार सिंह


इनसेट-आईआईए भवन व चैंबर में होगा लाइव प्रसारण
आम बजट का लाइव प्रसारण आईआईए भवन मोहकमपुर में लाइव प्रसारण होगा। साथ ही चैंबर ऑफ कॉमर्स बांबे बाजार एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स भवन रोडवेज में भी बजट का लाइव प्रसारण होगा। उद्यमी व पदाधिकारी लाइव प्रसारण देखेंगे व वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट पर चर्चा भी करेंगे। 
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