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आस्था: वैशाख पूर्णिमा पर कल मेष राशि में बन रहा विशेष योग, आर्थिक तंगी से निजात दिलाएंगे चंद्रमा

Thu, 04 May 2023 02:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

वैशाख पूर्णिमा इस बार 5 मई को विशेष योग में मनाई जाएगी। इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस बार मेष रशि वालों के लिए इस दिन सिद्धि योग है। इस दिन चंद्र देव की उपासना करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।
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बुद्ध पूर्णिमा - फोटो : pixabay
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विस्तार
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इस बार वैशाख पूर्णिमा 5 मई को है। इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस बार मेष रशि वालों के लिए यह दिन ज्यादा खास है। मेष राशि में सूर्य, बुध, गुरु और राहु चतुग्रही योग में विराजमान हैं। इसके अलावा सिद्धि योग प्रात: काल से लेकर रात 9:17 बजे तक है। इसके बाद व्यतीपात योग होगा। इस दिन स्वाति और विशाखा नक्षत्र हैं। स्वाति नक्षत्र सुबह से रात 9:40 बजे तक है। इसके बाद विशाखा नक्षत्र है। 
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मान्यता है कि भगवान विष्णु को वैशाख मास सबसे ज्यादा प्रिय है। भगवान विष्णु के नौवें अवतार के रूप में भगवान बुद्ध को जाना जाता है। इस पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की आराधना के साथ चंद्रदेव की पूजा भी की जाती है। हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा को सत्यव्रत पूर्णिमा भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर सुदामा ने यह व्रत किया था। जिससे उनकी दरिद्रता दूर हो गई थी।

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इंडियन काउंलिस ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करें। घर के मंदिर को पूरी तरह साफ करें और गंगाजल छिड़कें। देवी देवताओं का आह्वान कर भगवान विष्णु की प्रतिमा पर हल्दी से अभिषेक करें। तुलसी अर्पित करें। भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा और आरती करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को सात्विक चीजों का भोग लगाएं और खुद व्रत का संकल्प लें। इस व्रत में चंद्रमा की पूजा का सबसे ज्यादा महत्व है। 

इस दिन करें ये उपाय
बुद्ध पूर्णिमा के दिन खीर का वितरण करना शुभ मानते हैं। आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि चावल एवं मेवे से बनी खीर वितरित करने से मन को शांति व बल प्राप्त होता है। हमारे जीवन में संतुलन व समरसता का भाव विकसित होता है।

पीपल के पेड़ का उपाय : बुध पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ कर पूजा करने का खास महत्व है। महात्मा बुद्ध को बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। बोधि वृक्ष पीपल का पेड़ है। इसलिए पीपल वृक्ष की पूजा करना बहुत ही शुभ फलदायी है। 
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आर्थिक तंगी दूर करते हैं चंद्र देव
बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की उपासना करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। आत्मबल में वृद्धि होती है और धन लाभ के योग बनते हैं। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया मान सम्मान में भी वृद्धि होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान करना अत्यंत शुभ होता है और इस दिन किए गए दान का फल कई गुना मिलता है।

वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने से बुरे या पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। इस दिन को बौद्ध धर्म के लोग उत्सव के रूप में मनाते हैं। वैशाख पूर्णिमा पर व्रत करने और पितरों के नाम से उनकी पसंद की वस्तुएं दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसे कुर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। 
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