इंडियन काउंलिस ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करें। घर के मंदिर को पूरी तरह साफ करें और गंगाजल छिड़कें। देवी देवताओं का आह्वान कर भगवान विष्णु की प्रतिमा पर हल्दी से अभिषेक करें। तुलसी अर्पित करें। भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा और आरती करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को सात्विक चीजों का भोग लगाएं और खुद व्रत का संकल्प लें। इस व्रत में चंद्रमा की पूजा का सबसे ज्यादा महत्व है।
इस दिन करें ये उपाय
बुद्ध पूर्णिमा के दिन खीर का वितरण करना शुभ मानते हैं। आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि चावल एवं मेवे से बनी खीर वितरित करने से मन को शांति व बल प्राप्त होता है। हमारे जीवन में संतुलन व समरसता का भाव विकसित होता है।
पीपल के पेड़ का उपाय : बुध पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ कर पूजा करने का खास महत्व है। महात्मा बुद्ध को बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। बोधि वृक्ष पीपल का पेड़ है। इसलिए पीपल वृक्ष की पूजा करना बहुत ही शुभ फलदायी है।
आर्थिक तंगी दूर करते हैं चंद्र देव
बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की उपासना करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। आत्मबल में वृद्धि होती है और धन लाभ के योग बनते हैं। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया मान सम्मान में भी वृद्धि होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान करना अत्यंत शुभ होता है और इस दिन किए गए दान का फल कई गुना मिलता है।
वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने से बुरे या पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। इस दिन को बौद्ध धर्म के लोग उत्सव के रूप में मनाते हैं। वैशाख पूर्णिमा पर व्रत करने और पितरों के नाम से उनकी पसंद की वस्तुएं दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसे कुर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।