बसपा उम्मीदवार पार्टी सुप्रीमो मायावती से चुनाव जीतने का मंत्र लेकर लौट आए हैं। इसी आधार पर अब वह क्षेत्रों में काम करेंगे। उधर कोऑर्डिनेटरों को भी कहा गया है कि वोटरों से सीधा संवाद कायम करें। साफ कहा गया है कि आचार संहिता का पालन करें और कोई भी विवादित बयान जारी न करें।
शनिवार और रविवार को दो दिन लखनऊ में बसपा कार्यकर्ताओं की मायावती ने बैठक ली। अपनी रैलियों पर भी चर्चा की। प्रदेश भर के उम्मीदवार तथा कोऑर्डिनेटरों को चुनाव के बारे में विस्तार से रणनीति समझाई गई। कहा गया है कि जनता के बीच जाकर सीधा प्रचार करना होगा। मौखिक प्रचार पर ज्यादा जोर देने को कहा गया है। विदित हो कि मायावती यह पहले भी कह चुकी हैं कि बसपा उम्मीदवार या पदाधिकारी लिखा हुआ भाषण पढ़ें।
इस बार भी कहा गया है कि भाषण लिखकर पहले इसकी अच्छी तैयारी कर ली जाए। इससे कोई भी विवादित बात मुंह से नहीं निकलेगी। आदर्श आचार संहिता का शत-प्रतिशत पालन करने को कहा गया है।
आंकड़ों में न खाना मात
बसपा सुप्रीमों ने कोऑर्डिनेटरों को कहा है कि चुनावी आंकड़ों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी उनकी है। किसका वोट बैंक ज्यादा है, उम्मीदवार को इस बाबत पूरी तरह जानकारी होनी चाहिए। सीधा मुकाबला किससे हो रहा है या पिछले चुनाव में कहां लापरवाही रही, इसकी पूरी रिपोर्ट पर मंथन हो। खासतौर पर जोन कोऑर्डिनेटरों को इस पर नजर रखने को कहा गया है। रैलियों का चार्ट बनाने को कहा है। बैठक के बाद ही यह तय हो गया है अब रैली शुरू होगी। आगाज वाराणसी से हो रहा है।