मेरठ में दो अप्रैल को दलितों के बवाल के बाद आखिरकार बसपा जिलाध्यक्ष मोहित जाटव पर गाज गिर ही गई। बसपा सुप्रीमो ने उन्हें हटाकर सुभाष प्रधान को नया जिलाध्यक्ष बनाया है।
मेरठ में दो अप्रैल को बवाल हुआ था। दलितों ने विरोध प्रदर्शन किया था। विभिन्न स्थानों पर तोड़फोड़ हुई थी। एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। बवाल इस कदर बढ़ा कि शोभापुर में पुलिस चौकी फूंक दी गई। बाद में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की थी। पूर्व विधायक योगेश वर्मा, समेत कई बसपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। हालत उस समय और खराब हो गई थी जब शोभापुर में एक दलित युवक की बाद में हत्या कर दी गई। बाद में स्थिति शांत हुई। दलितों ने विरोध जताया कि दो अप्रैल के नाम पर दलितों का उत्पीड़न हो रहा है। तभी से आला कमान को मोहित जाटव की शिकायत की जा रही थी। आरोप लग रहे थे कि मोहित पीड़ित कार्यकर्ताओं की बीच नहीं जा रहे हैं। वह खुद को ही बचाने के चक्कर में उलझ गए हैं।
शुक्रवार को प्रभारी शमशुद्दीन राइन, राजकुमार गौतम, नरेश गौतम, सतपाल पेपला तथा मंडल जोन इंचार्ज डा. कमल सिंह राज के हस्ताक्षर से जारी एक पत्र में मोहित जाटव को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया। डॉ. सुभाष प्रधान को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। सुभाष पहले जिला महासचिव रह चुके हैं। चुनाव से पूर्व वेद व्यासपुरी में हुई बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली में उन्होंने खूब मेहनत की थी पर अचानक बाद में उन्हें महासचिव पद से हटा दिया गया। अब फिर से उन्होंने दमदार तरीके से वापसी की है। उधर मोहित का कहना है कि बसपा सुप्रीमो का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है। पता नहीं उन्हें क्यों हटाया, वह तो पूरी मेहनत कर रहे थे।
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