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बसपा पूर्व विधायक योगेश वर्मा का खुला चैलेंज, कहा- 2019 चुनाव में लूंगा हिसाब

Fri, 11 May 2018 05:59 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कोर्ट में पेशी के दौरान योगेश वर्मा - फोटो : अमर उजाला
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एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हिंसा कराने के आरोपी बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत 135 बवालियों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान योगेश वर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने मेरे ऊपर झूठे मुकदमे लगाए और रासुका की कार्रवाई की। वह यहीं नहीं रूके उन्होंने खुला चैलेंज दिया कि, जिन लोगों ने सत्ता के दबाव में मेरे ऊपर फर्जी मुकदमे लगाए हैं। उन सभी से 2019 चुनाव में हिसाब लूंगा। साथ ही कहा, जेल में भी रहा तो चुनाव लड़ूंगा।

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पढ़ें : दलित आंदोलन: हिंसा भड़काने के आरोपी पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर लगी रासुका

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक भारत बंद के दौरान बसपा नेता योगेश वर्मा शहर में जहां-जहां भी प्रदर्शन के दौरान पहुंचे थे, वहीं-वहीं पर बवाल हुआ था। कचहरी स्थित अंबेडकर चौराहा, कंकरखेड़ा बाईपास समेत 12 जगहों पर बवाल होना बताया गया। पुलिस अफसरों का यह भी दावा था कि योगेश वर्मा की गिरफ्तारी होते ही बवाल एकदम शांत हो गया था। इस संबंध में योगेश वर्मा और उनके समर्थकों पर संगीन धाराओं में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। दावा था कि दो अप्रैल को योगेश ने प्लानिंग के तहत अपनी राजनीति चमकाने की खातिर शहर में बवाल कराया था।  
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आयोग में तलब हुए थे अफसर
योगेश वर्मा पर रासुका लगना पहले से तय था। पुलिस-प्रशासन पर राजनीति के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए योगेश वर्मा की पत्नी महापौर सुनीता वर्मा एससीएसटी आयोग पहुंच गई थीं। जिस पर आयोग में एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी दहल तलब हुए थे। पुलिस अफसरों ने योगेश वर्मा के खिलाफ कई सुबूत आयोग में प्रस्तुत किए थे। दोनों पक्षों को आयोग ने सुना था।

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