चुनाव में करारी हार के बाद बसपाइयों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। सोशल मीडिया पर वार शुरू हो गई है। विभिन्न व्हाट्स एप ग्रुप पर ऐसी ऑडियो वायरल की गई हैं, जिसमें बसपाई आपस में बात कर आला पदाधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इस ऑडियो में रुपये के लेनदेन का भी जिक्र है। इन दिनों बसपा में आपसी मतभेद चरम पर पहुंच गया है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सामने ही जमकर हुआ था विरोध
बसपा
अभी हाल में ही मेरठ आए नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सामने ही जमकर विरोध हुआ। इससे पहले सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर आदि में भी बसपाई विरोध दर्ज करा चुके हैं। मेरठ में भी यही हुआ। बैठक में ही पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उत्तराखंड प्रभारी प्रशांत गौतम आपस में भिड़ गए। समर्थकों में भी जमकर टकराव हुआ। बाद में प्रशांत गौतम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। हैरत की बात यह रही कि उसी रात पूर्व सांसद शाहिद अखलाक को भी पार्टी से निष्कासित किया गया। अब सोशल साइट पर भी बसपा आला पदाधिकारियों के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं की आपस की बातचीत सोशल साइट पर डाली जा रही है।
11 अप्रैल और 14 अप्रैल के कार्यक्रमों में भी पुतले फूंके जाएंगे
ऑडियो वायरल
कई ऑडियो ऐसी साइट पर डाली गई हैं। कई ऑडियो तो ऐसी हैं जिसमें बसपाई साफ कह रहे हैं कि अब आला पदाधिकारियों का विरोध होगा। 11 अप्रैल और 14 अप्रैल के कार्यक्रमों में भी पुतले फूंके जाएंगे। एक छह मिनट की दूसरी ऑडियो डाली गई है, जिसमें जिला कमेटी के एक पदाधिकारी से दूसरे कार्यकर्ता बात कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि कोऑर्डिनेटरों ने टिकट वितरण में सुनी ही नहीं। बताया गया कि सैफी समाज के व्यक्ति को टिकट दे दो तो जिले का पूरा सैफी समाज वोट देगा तो कहा गया कि वह पैसे नहीं दे रहा है। उसका टिकट नहीं होगा। इतना हीं नहीं, आला कोऑर्डिनेटरों ने पहले ही किसी को राज्यमंत्री, किसी को कुछ और बनाने का वायदा कर दिया था। इस अंदाज में कि सरकार बसपा की ही आ रही है। हार भी गए तो फायदे में ही रहोगे। जिला कमेटी के पदाधिकारी भी इस बात का समर्थन कर रहे हैं पर साथ में कह रहे हैं कि अब मामले को निपटाओ।