गौहर इकबाल ने कहा कि सुषमा स्वराज देश की अच्छी नेता थीं और उन्हें उनकी अंतिम यात्रा में जाना भी चाहिए था। लेकिन भाजपा विधायक की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्होंने कौन सा गुनाह किया था। गौहर ने लिखा है कि उन्होंने बाबू मुनकाद अली को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर केवल अपना दोहरा चरित्र छिपाने की कोशिश की है। मुस्लिम समाज से धन उगाही के लिए उन्होंने बाबू मुनकाद अली और शमशुद्दीन राईन को निकाला है। लेकिन अब मुस्लिम समाज उन्हें पैसे देने वाला नहीं है।
पत्र में कहा है कि वे मुस्लिमों को भाजपा का डर दिखाकर वोट लेती हैं और आज हर मुद्दे पर भाजपा के साथ खड़ी हैं। गौहर इकबाल का कहना है कि हो सकता है आने वाले समय में मुस्लिम समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही अपना नेता मान ले। उन्होंने मुस्लिम व अनुसूचित समाज पर मायावती को अपना नेता न मानने व भविष्य में वोट न देने की उम्मीद जताई है। गौहर इकबाल ने कहा कि वे बसपा से इस्तीफा देकर किसी राजनीतिक पार्टी में नहीं जाएंगे। वे अपने देश की एकता व भाईचारे के लिए जल्दी ही कोई कदम उठाएंगे।
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