घायलों के लिए देवदूत बने एसपी
एसपी संजीव त्यागी घायलों के लिए देवदूत बनकर आए। एसपी ने आग की परवाह किए बगैर टैंकर के अंदर घुस गए व खुद मृतक व घायलों को निकालने लगे। यह देख पुलिसकर्मी हक्के-बक्के रह गए। तक जाकर पुलिसकर्मी भी मदद के लिए दौड़े। एसपी साहस नहीं दिखाते तो अन्य घायलों की भी जान जा सकती थी।
एसपी संजीव त्यागी हादसे की सूचना पर जब मौके पर पहुंचे तो टैंकर में घायल व मृतक फंसे हुए थे। टैंकर के अगले हिस्से को आग ने अपनी चपेट में ले रखा था। उन्होंने अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। टीम के आने से पहले ही एसपी खुद मृतकों व घायलों को टैंकर से निकालने में जुट गए। एक-एक घायल व मृतक को वह खुद निकालकर लाए। घायलों को उन्होंने एक निजी अस्पताल पहुंचाया। ट्रक के घायल चालक और हेल्पर को निकालकर भी अस्पताल भेजा। एसपी की हिम्मत को देख अन्य पुलिसकर्मी भी मदद करने में जुट गए। आग को बुझाया गया। मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों व पुलिस कर्मियों के मुताबिक खुद एसपी अगर घायलों को बाहर नहीं निकालते तो कुछ घायलों की भी जान जा सकती थी। घायलों के लिए वे देवदूत बनकर आए।
जॉनी ने मांगा था बैंक का खाता नंबर
जॉनी के बड़े भाई रामकुमार के मुताबिक बुधवार की शाम पांच बजे जॉनी का फोन आया था। उसने बैंक में पैसा डालने के लिए एकाउंट नंबर मांगा था, पर ये नहीं बताया था कि वह रात में घर आ रहा है। अगर घर आने की बात बताता तो वह इंतजार करते।
बुधवार को मिला था मजदूरी का पैसा
परिजनों के मुताबिक सातों को बुधवार को ही उनकी मजदूरी का पैसा मिला था। तभी इन सभी ने घर आने का प्लान बनाया था। पर किसी को नहीं बताया। मजदूरी का पैसा नहीं मिलता तो वह नहीं आते। रात में 11 बजे के बाद उन्हें हादसे का पता चला तब वह दौड़कर बिजनौर आए।
चौराहे पर दौड़ते हैं तेजी से वाहन
काली मंदिर के पास बाईपास चौराहे पर जहां हादसे हुुआ है, उस चौराहे को कोई नहीं देख रहा। चौराहे पर खूब हादसे होने लगे हैं। लोग तेजी से चौराहे पर वाहन दौड़ाकर निकाल रहे हैं। इस चौराहे पर रात में पुलिस भी तैनात नहीं रहती है। चालक मनमर्जी से तेजी के साथ वाहन दौड़ाते हैं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/