हरेंद्र मलिक, संजीव बालियान, दारा सिंह प्रजापति
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भाजपा की राह में बसपा रोड़ा बनती नजर आई। यहीं वेस्ट यूपी में रालोद का साथ बहुत मुफीद साबित नहीं हुआ। तपते सियासी पारे के बीच हैंडपंप से उम्मीद कमल को खिलाने की थी, लेकिन भगवा ब्रिगेड की जीत के आंकड़े सिकुड़कर रह गए।
भाजपा 2019 में वेस्ट यूपी में सात सीटें जीती थीं, जो इस बार पांच रह गई। रालोद अपने हिस्से की बागपत और बिजनौर सीट जीतने में कामयाब रहा। वहीं, बसपा भले ही अपना खाता न खोल पाई हो, लेकिन भाजपा के लिए बोट कटवा साबित हुई। ज्यादातर सीटों पर बसपा प्रत्याशियों ने जो मत बटोरे वह भाजपा के खाते के आंके जा रहे हैं। बसपा का परंपरागत वोट बैंक भी इन चुनावों में छिटका दिखा। मेरठ में ही बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी 86 हजार से अधिक मत ले गए।