मेरठ। 180 संविदा शिक्षक भर्ती के टेंडर में हुए गोलमाल में बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी पर गाज गिर सकती है। सीडीओ की जांच रिपोर्ट के बाद बीएसए पर कार्रवाई की संस्तुति के लिए शासन को पत्र जारी कर दिया है। इस प्रकरण में बेसिक शिक्षा विभाग में जिला समन्वयक निशांत चौहान की सेवा समाप्त करने के अलावा टेंडर लेने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की कार्रवाई हो चुकी है।
वर्ष 2023 में बेसिक शिक्षा विभाग में 180 संविदा शिक्षक भर्ती का टेंडर निकाला गया था। बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा उत्थान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए होने वाली संविदा शिक्षकों की भर्ती के टेंडर में 25 लाख रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाकर एक महीने पहले डीएम से शिकायत की थी। इस प्रकरण में डीएम डॉ. वीके सिंह ने सीडीओ नूपुर गोयल, मुख्य कोषाधिकारी वरुण खरे, उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार की कमेटी बनाकर जांच कराई थी।
सीडीओ की जांच रिपोर्ट के बाद टेंडर लेने वाली लखनऊ की वेदरत्नम प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है। विभाग में तैनात जिला समन्वयक (डीसी कम्युनिटी) निशांत चौहान की सेवा समाप्त कर दी। बीएसए आशा चौधरी की भूमिका पर भी सवाल उठा है। शुक्रवार को बीएसए पर कार्रवाई करने की संस्तुति करते हुए डीएम कार्यालय से शासन को पत्र भेजना बताया गया है।