दौराला - भाई की प्रतिमा कांवड़ के साथ लेकर न्याय की आस में निकले अरुण। स्रोत : संवाद
तरुण की हत्या के बाद न्याय की मांग के लिए कांवड़ लेकर निकले है भाई अरुण और अन्य युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। सावन की कांवड़ यात्रा में इस बार आस्था के साथ एक भाई के बिछड़ने का दर्द भी दिखाई दिया। दिल्ली के उत्तम नगर के दिवंगत तरुण खटीक की प्रतिमा को साथ लेकर उनके भाई अरुण खटीक और खटीक समाज के युवा कांवड़ लेकर निकले।
कांवड़ दादरी पहुंची तो समाज के लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ उनका स्वागत किया। भाई की प्रतिमा को सामने देख अरुण की आंखें नम हो गईं। कुछ पल के लिए वह खुद को संभाल नहीं सके और आंखों से आंसू छलक पड़े।
कुछ महीने पहले तरुण खटीक की निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से परिवार और समाज के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। तरुण की प्रतिमा को कांवड़ के साथ लेकर निकले अरुण के लिए यह यात्रा महज धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि अपने भाई की याद और न्याय की उम्मीद को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। कांवड़ के साथ कदम बढ़ाते हुए भाई की कमी का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखाई दिया। दादरी पहुंचने पर खटीक समाज के लोगों ने तरुण की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और कांवड़ियों का स्वागत किया।
इस दौरान खटीक समाज दादरी के अध्यक्ष मोहित खटीक, मुकेश खटीक, संजय खटीक, कलवा खटीक, अभिषेक खटीक, प्रियांशु खटीक आदि समाज के लोग मौजूद रहे। समाज के लोगों ने तरुण के परिवार के साथ खड़े रहने और न्याय की मांग को मजबूती से उठाने की बात कही।