माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेरठ के एक छोर मेरठ साउथ स्टेशन तक नमो भारत चल रही है। जल्द ही शताब्दीनगर तक इसका संचालन शुरू होना है। विकास की यह एक धवल तस्वीर है जबकि दूसरी स्याह तस्वीर शहर की सड़कों की है। तमाम सड़कें गड्ढों से छलनी हो चुकी हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। शहर के भीतर के हालात तो और खतरनाक हैं। बुढ़ानागेट से खैरनगर की ओर जाने वाला रास्ता तो नाला खुदाई के कारण बंद हो गया है। एक ही ओर से वाहनों की आवाजाही से लगातार जाम लग रहा है।
विकास के दावों को लेकर लगातार कवायद हो रही है। विकास के नाम पर शहर के चारों ओर हाइवे का जाल बिछ रहा है और रैपिड भी शहर के भीतर आने को तैयार है। दूसरी ओर रैपिड से उतरते ही शहर में आने के लिए दिल्ली रोड पर गड्ढों से होकर निकलना पड़ता है। परतापुर से रिठानी तक जगह-जगह गड्ढे हैं और शॉपरिक्स मॉल से मेट्रो प्लाजा तक हालत और खस्ता है। पंजाबी पुरा के सामने से लेकर पंजाब ऑयल कंपनी तक तो सड़क इस कदर खराब है कि अक्सर दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि सड़क में तीन महीने पहले मरम्मत के नाम पर सीमेंट डाल दिया गया जिससे सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है।
दूसरी ओर गढ़ रोड, हापुड़ रोड पर भी हालत खराब है। गढ़ रोड पर सोहराबगेट बस अड्डे के पास, नंदन सिनेमा के सामने, तेजगढ़ी से आगे बाबू जगजीवन राम की मूर्ति के पास, हैरिटेज प्लाजा और मेडिकल के पास गड्ढों के कारण हालत खस्ता है। मवाना रोड पर भी जगह-जगह से उखड़ रही है। सड़क निर्माण के लिए जिम्मेदार विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। दिल्ली रोड पर एनसीआरटीसी की ओर से सड़क निर्माण तो मरम्मत तक नहीं हो रही वहीं लोक निर्माण विभाग भी महज दावों तक सिमटा है।