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मई में ही दूसरी बार तोड़ा खुद का रिकार्ड, नेशनल रिकॉर्ड बनाया

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मेरठ। पारुल चौधरी ने मई माह में ही 3000 मीटर स्टीपल चेज में कमाल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने इसी माह में दो बार नेशनल रिकॉर्ड बनाया। इसके पीछे उनकी पिछले एक साल की कड़ी मेहनत रही। उन्होंने एशियन गेम्स के बाद पूरे साल घर से दूर इंडिया कैंप में रहकर तैयारी की। वहां उन्हें अविनाश सांबले जैसे अंतरराष्ट्रीय एथलीट का भी साथ मिला। उनके साथ अभ्यास से उनके प्रदर्शन में और अधिक सुधार आया। इसी मेहनत का ही नतीजा है कि उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड दूसरी बार तोड़ दिया।
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पारुल चौधरी ने 2023 के एशियन गेम्स में अक्तूबर में 9:27.63 मिनट का समय लेकर देश के लिए रजत पदक जीता था। इससे पहले उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप बुडापेस्ट 2023 में 3000 मीटर स्टीपल चेज को पूरा करने में 9:15.31 मिनट का समय लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपना पर्सनल बेस्ट दिया था। इसके बाद उन्होंने 16 मई को दोहा डायमंड लीग में प्रतिभाग कर 3000 मीटर स्टीपल चेज में भाग लिया और उन्होंने अपनी दौड़ 9:13.29 मिनट में पूरी कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने इस प्रतियोगिता में छठा स्थान प्राप्त किया था, लेकिन इसमें उनके समय में सुधार आया था।



अब उन्होंने शुक्रवार को एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक के साथ एक बार फिर अपना खुद का रिकॉर्ड तोड़ा। शुक्रवार को दौड़ पूरी करने के लिए 9:12.46 मिनट लेकर नेशनल रिकॉर्ड बनाया। पिछले एक दो साल से पारुल चौधरी इंडिया कैंप बंगलुरू में रहकर तैयारी रहीं थीं। उन्होंने यहां कई बड़े कोई और अंतरराष्ट्रीय एथलीट अविनाश साबले जैसे खिलाड़ियों के साथ तैयारी की, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर भी पड़ा। अविनाश ने इसी प्रतियोगिता में 3000 मीटर स्टीपल चेज दौड़ 8:20.92 मिनट में पूरी कर स्वर्ण पदक जीता है। पारुल ने देश के लिए पदक प्राप्त करने पर खुशी जताई है। उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि उनकी नजर स्वर्ण पदक पर थी, लेकिन वह चूक गईं। उन्होंने कहा कि देश के लिए पदक लाने में अलग ही खुशी होती है। उन्होंने अपने परिवार और कोच को इसका श्रेय दिया। (संवाद)
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