मेरठ कैंट
कैंट बोर्ड की स्थापना : 1803
आबादी: एक लाख, छावनी क्षेत्र का कुल रकबा आठ हजार एकड़
सिविल: 478 एकड, 6250 संपत्ति हैं
सिविल क्षेत्र सडक: 63 किमी,सिविल क्षेत्र में 46 बंगले,
डीईओ के अधीन 300 बंगल
इन पेचीदगियों से परेशान हैं लोग
कैंट बोर्ड की मंजूरी बिना घर की दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं कर सकते।
प्रापर्टी के विभाजन की कोई अनुमति नहीं।
एक भवन को भागों में बांटने पर नहीं होता नामांतरण।
अगर मकान में बिना अनुमति कोई बदलाव किया तो एक लाख जुर्माना
दस हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लगता है भवनों में बदलाव पर जुर्माना।
कैंट एक्ट की नजर में स्कूल से बाजार तक हैं अवैध
कैंट बोर्ड के रिकॉर्ड में आबूलेन रिहायशी इलाका है जबकि यहां मौके पर शहर का सबसे शानदार बाजार है। कैंट एक्ट की नजर में बाजार अवैध है। इसी की आड़ में बार-बार यहां दुकानदारों को नोटिस भी दिए जाते हैं। कारोबारियों का कहना है कि जब यहां बरसों से बाजार हैं तो कैंट बोर्ड इन्हें अपने रिकॉर्ड में दर्ज करे। यही स्थिति वेस्ट एंड रोड के स्कूलों की है।
ढाई हजार लोगों के हुए हस्ताक्षर रक्षामंत्री से मिलने जाएंगे
कैंट बोर्ड में भ्रष्टाचार और यहां रहने वालों के शोषण की वजह से यहां के लोग नगर निगम में शामिल होना चाहते हैं। इसके लिए कैंट के करीब 10 हजार लोग हस्ताक्षर करके केंद्र सरकार को भेजेंगे। अभी तक ढाई हजार लोगों के हस्ताक्षर हो चुके हैं। सांसद के साथ जल्द ही रक्षामंत्री से भी मिलेंगे। -डॉ. सतीश शर्मा, मनोनीत सदस्य कैंट बोर्ड