नजीबाबाद के खालसा फार्म में जांबाज कमांडो का स्वागत किया
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। भारत के जांबाज कामांडो पिथौरागढ़ निवासी लकी बिष्ट का नजीबाबाद पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। भारत के लिए कई वर्ष जासूसी का दायित्व निभाने वाले लकी सिंह बिष्ट ने युवाओं के साथ राष्ट्र सेवा दायित्वों के अनुभव साझा किए।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी 36 वर्षीय लकी बिष्ट का खालसा फार्म पहुंचने पर किसान नेता गुरजीत सिंह रंधावा, जसवंत सिंह रंधावा, सतवंत सिंह ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सच्चा राष्ट्रभक्त वही होता है जो अपने परिवार, समाज की चिंता किए बिना राष्ट्र सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाता है। स्वागत कार्यक्रम में सतीश चौहान, प्रदीप वालिया, करतार सिंह, राहुल तिवारी, संजय चौहान उपस्थित रहे।
अब फिल्म लेखन लकी बिष्ट का लक्ष्य
लकी सिंह बिष्ट ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में राष्ट्र सेवा दायित्वों के साथ लेखन और फिल्मों में पदार्पण के लक्ष्यों की जानकारी दी। उन्होंने बम निर्माण करने वाले खतरनाक अपराधियों की सोच, कुलभूषण यादव प्रकरण जैसे मामलों में खोजपरक लेखन को लक्ष्य बनाया है। अपराध फिल्म राइटर सहित कई फिल्मों से जुड़ने की भी लकी बिष्ट ने जानकारी दी।
निभाए महत्वपूर्ण सुरक्षा दायित्व
पिथौरागढ़ के गंगोलीघाट में जून 1988 में जन्मे लकी बिष्ट ने जयपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की। मात्र 16 साल की उम्र में लकी बिष्ट ने इंडियन कमांडो, एनएसजी और जासूसी का प्रशिक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल में सुरक्षा अधिकारी और वर्ष 2010 में तत्कालीन अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे के दौरान सुरक्षा विस्तारक की भूमिका अदा की। 2009 में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के सर्वश्रेष्ठ कमांडो चुना गया। प्रसिद्ध अपराध लेखक हुसैन जैदी ने लकी सिंह के जांबाज दायित्वों पर रॉ हिटमैन: द रियल स्टोरी ऑफ एजेंट लीमा पुस्तक लिखी।