सरूरपुर/मेरठ। थाना क्षेत्र के कस्बा करनावल निवासी विजयपाल (82) की हत्या के बाद आरोपी पौत्र निक्की और सागर गंगा नहाने हरिद्वार चले गए थे। शनिवार को आरोपी वापस लौटे तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। वारदात के बाद आरोपी निक्की ने अपनी पत्नी को बागपत छोड़ दिया था।
विजयपाल सिंह बृहस्पतिवार रात खाना खाने के बाद करीब नौ बजे चौपाल पर गए थे। वे वहां शिवकुमार शर्मा और एक अन्य ग्रामीण के साथ बैठकर हुक्का पी रहे थे। इसी दौरान आरोपी नकाब लगाकर चौपाल पर पहुंचे थे। दोनों ने विजयपाल को निशाना बनाते हुए उनके सीने में गोली मार दी थी। वारदात के बाद आरोपियों ने उन पर चाकू से कई वार किए थे। ग्रामीण उन्हें बचाने दौड़े तो आरोपी वहां से भाग गए थे। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हुई थी।
विजयपाल के एक अन्य पौत्र भानु की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस का कहना था कि बुजुर्ग के पास 80 बीघा जमीन थी। अपने तीन बेटों में 20-20 बीघा जमीन बांट दी और 20 बीघा जमीन अपने पास रख ली। बुजुर्ग अपने दिवंगत बेटे तेजेंद्र के पुत्रों भानु व राहुल के पास रहते थे और उन्हें अपने हिस्से की जमीन की वसीयत उनके नाम करना चाहते थे। इस बात पर पहले भी कई बार विवाद हुआ था। इसके विरोध में दूसरे बेटों शैलेंद्र के पुत्र निक्की और राजू के पुत्र सागर ने अपने दादा की हत्या कर दी थी। हरिद्वार में गंगा नहाने के बाद आरोपी रैन बसेरे में भी रुके थे।
वारदात की साजिश की जांच कर रही पुलिस
आरोपी निक्की अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर कार से भागा था। उसने दोनों को बागपत स्थित उसकी मायके छोड़ दिया था। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। इसके चलते उसकी अंतिम लोकेशन बागपत में मिली थी। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साजिश में अन्य कोई आरोपी तो शामिल नहीं है।
आरोपियों को सरधना-बिनौली मार्ग स्थित भूनी गांव के पास से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने वारदात में प्रयोग किए गए तमंचा व चाकू जंगल में फेंक दिए थे। आरोपियों की निशानदेही पर उन्हें जंगल से और बाइक व कार भी बरामद कर ली गई है। आरोपी वारदात के बाद हरिद्वार चले गए थे। आरोपियों से वारदात के संबंध में पूछताछ की जा रही है। - अभिजीत कुमार, पुलिस अधीक्षक देहात