इंचौली थाना क्षेत्र में बना के पास किशोरीपुरा गांव है। यहां के दर्जनों युवक फिटकरी गांव के रास्ते पर स्थित दुर्गा इंटरप्राइजेज फैक्टरी में काम करते हैं। फैक्टरी मालिक कंकरखेड़ा निवासी अमित ठाकुर और बड़ौत निवासी दीपक जैन हैं। फैक्टरी में पुराने टायरों को गलाकर तेल, लोहे का तार व राख अलग की जाती है। टायर गलाने के लिए दो बड़े-बड़े बॉयलर लगे हैं, जो लकड़ी व गैस से संचालित होते हैं।
सोमवार रात को 12 कर्मचारी ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे टायर गलने के बाद प्रवीण, शंकरलाल और दूसरे कर्मचारी बॉयलर का ढक्कन खोल रहे थे। इस बीच बॉयलर फट गया। तेज धमाके से टिन शेड उड़ गए और मशीनें फट गईं। विस्फोट में शंकरलाल और प्रवीण सहित दिनेश (32) शैंकी (22) व उसके पिता सोहनपाल घायल हो गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास की फैक्टरियों से लोग मौके पर पहुंच गए। राख हवा में होने के कारण किसी को भी शंकरलाल और प्रवीण के बारे में पता नहीं चला। आधा घंटे बाद शंकर और प्रवीण के शव पड़े मिले।
वहीं, कर्मचारियों का आरोप था कि हादसे की सूचना पर फैक्टरी मालिकों ने मोबाइल बंद कर लिए। एक घंटे बाद एंबुलेंस उपलब्ध होने पर तीनों घायलों को गंगानगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोगों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जिस पर कई थानों की पुलिस, एसपी देहात कमलेश बहादुर, एडीएम ई अमित कुमार, सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और डीएम दीपक मीणा मौके पर पहुंच गए।