फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का शव पुलिस की मौजूदगी में किया सुपुर्द-ए-खाक

विज्ञापन
विज्ञापन
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का शव पुलिस की मौजूदगी में किया सुपुर्द-ए-खाक
विज्ञापन

परीक्षितगढ़। पुलिस की लापरवाही के चलते शुक्रवार को सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने न्याय नहीं मिलने के कारण जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में गमगीन माहौल में किशोरी के शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मृतका की मां ने गांव की ही तीन महिलाओं समेत नौ नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी शादाब को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, आरोपियों के घरों पर दबिश देकर परिवार की महिलाओं को हिरासत में ले लिया है। विवेचक शिवनारायण सिंह के निलंबन के बाद उन पर विभागीय जांच भी बैठा दी है।
क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी की मां ने 16 फरवरी को गांव के ही शादाब, गुलशेर, मुनव्वर, सलमान, असरफ के खिलाफ थाने में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी पीड़ित किशोरी व उसके परिजनों को प्रताड़ित कर रहे थे। पीड़िता इंसाफ के लिए पुलिस अधिकारियों व थाने के चक्कर लगाती रही। साढे़ तीन माह बाद भी पुलिस ने विवेचना पूरी नहीं की, जबकि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने सामूहिक दुष्कर्म का बयान दर्ज कराया था। इसके बाद भी पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। मृतका की मां का आरोप है कि आरोपी उन पर लगातार समझौता करने का दबाव बना रहे थे। पुलिस द्वारा इंसाफ न मिलने से आहत पीड़िता ने शुक्रवार को जहर खाकर अपनी जान दे दी।
विज्ञापन

शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद मृतक किशोरी का शव जैसे ही घर पहुंचा तो परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। उनका रुदन देखकर मौजूद लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए। पीड़ित मां ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव सुपुर्द-ए-खाक करने की बात कही। जिस पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं, परिजनों व ग्रामीणों ने मां को समझाया और पुलिस ने शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किशोरी का शव पुलिस मौजूदगी में कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
...तो आज बेटी जिंदा होती
आठ वर्ष पूर्व पति की मौत होने के बाद पीड़िता मां ने अपनी छह पुत्री व तीन पुत्रों का लालन-पालन बड़ी परेशानी के साथ किया। महिला ने बताया कि अगर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती तो आज उसकी बेटी जिंदा होती। इसके बाद वह अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर फूट-फूटकर रोने लगी।
विज्ञापन

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही शादाब, अशरफ, मुनव्वर, सलमान, गुड्डो, अफसाना, नदीम, नादरा, सरताज व दो अज्ञात सहित 11 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें