मेरठ। मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए अब विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं को एक अवसर प्रदान किया गया हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने, आपत्ति दर्ज कराने के लिए दावे और आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी। नए मतदाता बनाने के लिए जनपद में 2758 बूथों पर बीएलओ की ड्यूटी लगा दी।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान सामने आया है कि मेरठ में लगभग 6.64 लाख मतदाता सूची से गायब हैं। इनको जिला प्रशासन ने अनुपस्थित, शिफ्ट, मृत्यु और डुप्लीकेट मतदाता बताया है। जनपद में मतदाताओं की संख्या लगभग 27 लाख थी। एसआरआई प्रक्रिया के दौरान केवल 75 प्रतिशत मतदाताओं का ही डेटा सफलतापूर्वक ऑनलाइन दर्ज हो सका। शेष करीब 25 प्रतिशत मतदाता सूची से कट गए। इसे गंभीर मानते हुए निर्वाचन कार्यालय अब नए मतदाता जोड़ने पर विशेष फोकस करने का निर्णय लिया है।
विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं, नए निवासियों और अब तक छूटे हुए पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए बूथ स्तर तक अभियान तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीएलओ, सुपरवाइजर और निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर सत्यापन करें और अधिक से अधिक नए मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से कटे हैं, उन्हें भी दावे के माध्यम से पुन जोड़ने की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई जाएगी। डॉ. वीके सिंह ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से बाहर रह जाना गंभीर विषय है, इसलिए इस अभियान को केवल औपचारिकता न मानते हुए जनसहभागिता के साथ सफल बनाया जाए।