मेरठ। महिला जिला अस्पताल में कई दिन खून जांच करने वाली सीबीसी मशीन खराब है। इस वजह से रोजाना 50 से 70 महिलाओं की रक्त जांच नहीं हो पा रही है। इसके चलते यहां ब्लड, किडनी, लिवर सहित अन्य जांचें तक नहीं हो पा रही हैं। जांच प्रक्रिया के लिए जरूरी रीजेंट भी नहीं है। इसके चलते प्रभावित मरीजों को बाहर निजी लैब में महंगी जांच करानी पड़ रही है।
इस हालात में मरीजों से लिए गए ब्लड सैंपल भी खराब हो रहे हैं। बायोकेमेस्ट्री की जांच करने वाली सिलेक्ट्रा मशीन सहित अन्य उपकरणों से जांच प्रक्रिया पूरी कराई जाती है। यहां मशीनें भी पुरानी हो रही हैं। इंजीनियर्स आते हैं और ठीक करके चले जाते हैं। एलएफटी, केएफटी, सीरम, यूरिक एसिड सहित अन्य परीक्षणों के लिए आने वाले मरीजों को लौटना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल पहुंचे मोहकमपुर निवासी दीपक कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी को प्रसव के लिए इमरजेंसी में भर्ती है। उसकी शुगर और हिमोग्लोबिन की जांच होनी थी, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से नहीं हुई है। शाहपीर गेट निवासी सत्तार ने बताया कि उनकी बेटी के टांके कटने थे। एनीमिया की जांच कराने के लिए रक्त दिया था, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से जांच नहीं हो पाई।
रीजेंट खत्म होने और सीबीसी की मशीन खराब होने की सूचना एजेंसी को दी गई है। इंजीनियर को बुलाकर मशीन को दुरुस्त कराया जाएगा। - डॉ. मीनाक्षी सिंह, प्रमुख अधीक्षक महिला जिला अस्पताल